
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। विकास कार्यों में इंदौर की उपेक्षा को लेकर मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा कथित तौर पर सीएम को पत्र लिखने का मामला गरमाने के बाद पहली बार वह गुरुवार को मीडिया के सामने आए।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के बाद मीडिया के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इंदौर का विकास अब होगा। नहीं होगा तो आपको (मीडिया) को बताएंगे।
बता दें कि कथित पत्र में मंत्री विजयवर्गीय ने मास्टर प्लान में देरी, मेट्रोपालिटन में इंदौर का नाम पीछे किए जाने व एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने सहित अन्य विषय उठाते हुए कहा था, 'ढाई वर्षों से इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा से आहत हूं। इन वर्षों के दौरान उपेक्षा और असहयोग ही मिला है।
शहर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाना उनकी विवशता होगी।' इसके बाद से यह चर्चा जोरों पर रही कि विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है। हालांकि, मीडिया के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि अब चैप्टर क्लोज हो चुका है।
इंदौर के विकास को लेकर प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम निरस्त करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जिन्होंने आयोजन किया था, उनसे पूछिए। बता दें कि कार्यक्रम निरस्त किए जाने को भी इस पत्र से जोड़ा जा रहा है। उधर, आयोजकों का कहना है कि सीएम की व्यस्तता के चलते कार्यक्रम निरस्त किया गया है।
यह पूछे जाने पर कि दतिया विधानसभा उप चुनाव में क्या नरोत्तम मिश्रा भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं, विजयवर्गीय बोले कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी की प्रत्याशी कौन होगा। हां, घोषणा जल्दी होगी और भाजपा वहां से जीतेगी। जल्दी चुनाव कराने के कांग्रेस के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह काम निर्वाचन आयोग का है। न्यायपालिका से लेकर हर जगह कांग्रेस ने आपत्ति लगाई लेकिन आयोग को निर्धारित समय में चुनाव कराना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के मौन सत्याग्रह के परिणाम अच्छे नहीं होंगे।