मध्य प्रदेश में तीन लाख म्यूल खाते, ऑपरेशन मैट्रिक्स में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का खुलासा... 12 जिलों में 26 FIR
देश-विदेश में सक्रिय साइबर ठग अब म्यूल खातों के लिए मजदूरों, बेरोजगारों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बना रहे हैं। मध्य प्रदेश में राज्य साइबर सेल द ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Feb 2026 02:11:57 AM (IST)Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 02:11:57 AM (IST)
ऑपरेशन मैट्रिक्स में म्यूल खातों का बड़ा खुलासा। AI Generated ImageHighLights
- मजदूर और बेरोजगार बने निशाना
- अफ्रीकी देश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तार
- खाताधारकों की होटल में निगरानी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। साइबर ठगी की राशि जिन खातों में पहुंचती है, उन्हें म्यूल खाते कहा जाता है। मध्य प्रदेश में राज्य साइबर सेल के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ में सामने आया है कि 12 जिलों में दर्ज 26 FIR में आरोपित मजदूर हैं। सतना जिले की एक सीमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर म्यूल खाते खुलवाए गए। बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर भी खाते खुलवाए गए।
तीन लाख खाते चिन्हित, प्रथम लेयर की जांच
प्रदेश में लगभग तीन लाख म्यूल खाते चिन्हित किए गए हैं। पहले चरण में तीन हजार खातों की जांच की गई, जिनमें सबसे पहले राशि पहुंची थी। इन्हें प्रथम लेयर के खाते कहा जाता है और इनकी संख्या आठ हजार से अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पता
दो माह तक चले अभियान में एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसके तार एक अफ्रीकी देश से जुड़े हैं। ग्वालियर में मिले एक म्यूल खाते की जांच से इसका सुराग मिला। इसके अलावा तीन अन्य गिरोहों का नेटवर्क भी मप्र सहित कई राज्यों में फैला मिला है।
चार से पांच चरणों में होती है खरीद-बिक्री
जांच में सामने आया कि म्यूल खातों की खरीद-बिक्री चार से पांच चरणों में होती है। पहले चरण में खाताधारक को चार से पांच हजार रुपये मिलते हैं। दूसरा गिरोह 10 से 15 हजार रुपये लेकर जानकारी आगे बढ़ाता है। तीसरा चरण सीधे साइबर ठगों से जुड़ा होता है। कुछ लोग टेलीग्राम एप पर खुद किराये से खाते देने का प्रस्ताव भी रखते हैं।
होटल में रखकर की जाती है निगरानी
गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि खाताधारकों को बड़ी रकम आने की जानकारी देकर होटल में रखा जाता है, ताकि वे राशि निकाल न लें। पुलिस के अनुसार ठग ऐसे बैंक खातों का उपयोग करते हैं, जिनमें ट्रांजेक्शन सीमा अधिक होती है, खासकर छोटे बैंकों के खाते। जांच जारी है।