MP में जांच के दायरे में होंगे पेट्रोल पंप, अनावश्यक बंद रखने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
प्रदेश में ईंधन की कमी नहीं, लेकिन कालाबाजारी रोकने सख्ती बढ़ी। पेट्रोल पंपों की जांच तेज हुई और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 09:46:27 AM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 09:46:27 AM (IST)
पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर सख्त सरकार। (फाइल फोटो)HighLights
- 2,110 स्थानों पर जांच, 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए
- 391 पेट्रोल पंप जांचे, एक प्रकरण में एफआईआर दर्ज
- बिना कारण पंप बंद रखने पर होगी सख्त कार्रवाई
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पेट्रोल पंपों को भी जांच के दायरे में लाया गया है और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की जा चुकी है। इस दौरान 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 391 पेट्रोल पंपों की जांच में एक प्रकरण दर्ज किया गया है।
पेट्रोल पंप बंद रखने पर सख्ती
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई पंप बिना उचित कारण बंद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखने को कहा गया है।
ईंधन का पर्याप्त भंडार
सरकार के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। देश में कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट घरेलू और व्यावसायिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय तक संचालन कर रहे हैं।
पीएनजी कनेक्शन के लिए कंट्रोल रूम
प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस कंपनियों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें और मांग दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है।
उपभोक्ताओं को राहत का दावा
सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन से उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।