
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जिले में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइप लाइन गांवों में पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसकी शुरुआत समरधा, बगरोदा सहित तीन गांवों से की जा चुकी है और इस साल के अंत तक शहर से लगी पंचायतों में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए थिंक गैस कंपनी प्रबंधन ने रूपरेखा तैयार कर ली है। शहरी क्षेत्र में काम पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पीएनजी पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल, केंद्र सरकार के आदेश पर अमल करते हुए खाद्य विभाग ने शहरी क्षेत्र के एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र से लगे गांवों में यह काम शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जिले में साढ़े पांच लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से शहरी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं, जिनके घरों पर एलपीजी आपूर्ति 40 से अधिक एजेंसियों द्वारा की जाती है।
पिछले दिनों एलपीजी गैस की किल्लत के चलते बुकिंग व आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई थी, जिसके चलते एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें लगना शुरू हो गई थीं। हालांकि बाद में आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है, लेकिन अब भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए शहरी क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं को पीएनजी देने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी पीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे।
शहर में अब तक 40 हजार से अधिक लोगों को पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 36 हजार से अधिक लोगों को आपूर्ति की जा रही है। वहीं शहर की करीब 400 कॉलोनियों में पाइप लाइन नेटवर्क बिछाया जा चुका है, जिनसे आने वाले छह महीने में करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन दे दिए जाएंगे। वहीं शहर से लगी पंचायतों में भी काम शुरू किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत समरधा, बंगरसिया, बगरोदा से की गई है। शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में पीएनजी और सीएनजी पाइप लाइन बिछाने का काम पिछले साल बहुत तेजी से किया गया है।
इनमें लांबाखेड़ा, आनंद नगर, अयोध्या नगर, नवीबाग, गांधीनगर, संत हिरदाराम नगर, रातीबड़, नीलबड़, सलैया, 11 मील, कटारा हिल्स, साकेत नगर, अवधपुरी, अमृत इंक्लेव, बर्रई, बिलखिरिया, चिकलौद रोड, भानपुर, छोला सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों की पाइप लाइनों के जरिए आसपास लगे गांवों में पीएनजी का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे शहर के साथ-साथ गांव के उपभोक्ताओं को भी घर पर गैस उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
जानकारों के अनुसार, वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 950 रुपये के लगभग है, तो वहीं पीएनजी 44 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) के बीच है। एक आम घर में रसोई के लिए हर महीने औसतन 15 से 16 एससीएम पीएनजी की खपत होती है। यह खपत लगभग 14.2 किलोग्राम के एक एलपीजी सिलेंडर के बराबर होती है। परिवार के आकार और खाना पकाने की आदतों के आधार पर यह मात्रा थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है, जो मीटर के माध्यम से मापी जाती है। इस तरह सिलेंडर की तुलना में पीएनजी 150 से 200 रुपये सस्ती पड़ती है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी का उत्पादन 50 प्रतिशत भारत में होता है, जबकि 50 प्रतिशत कतर सहित अन्य देशों से उपलब्ध कराई जाती है। यह ओएनजीसी, गेल सहित अन्य कंपनियों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। अलग-अलग प्रदेशों के शहरों में अलग-अलग कंपनियों को इसका जिम्मा सौंपा गया है।
सिलिंडर की आपूर्ति प्रतिदिन करीब 10 से 11 हजार हो रही है, जो कि पहले के आम दिनों की अपेक्षा अधिक है। ऐसे में लोगों की रसोई में पीएनजी पहुंचाना बेहतर विकल्प है, जिस पर सरकार के आदेश पर तेजी से काम करवाया जा रहा है। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके कनेक्शन देने की योजना है।- चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक