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एमपी में नहीं लटकेगी रेल लाइन! RPCF के तहत बनी 4 स्तरीय समितियां, कलेक्टर हर महीने करेंगे समीक्षा

प्रदेश में अब रेलवे प्रोजेक्ट नहीं अटकेंगे। रेलवे परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने रेलवे प्रोजेक्ट्स कोआर्डिनेशन फ्रेमवर्क (आरपीसीएफ) क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 10:47:08 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 10:47:08 PM (IST)
एमपी में नहीं लटकेगी रेल लाइन! RPCF के तहत बनी 4 स्तरीय समितियां, कलेक्टर हर महीने करेंगे समीक्षा
एमपी में नहीं लटकेगी रेल लाइन

HighLights

  1. रेलवे प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने 4 स्तरीय समितियां गठित
  2. मुख्य सचिव राज्य स्तरीय और कलेक्टर जिला समिति संभालेंगे
  3. भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी जैसे अटके मामले होंगे हल

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अब रेलवे प्रोजेक्ट नहीं अटकेंगे। रेलवे परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने रेलवे प्रोजेक्ट्स कोआर्डिनेशन फ्रेमवर्क (आरपीसीएफ) के तहत चार अलग-अलग स्तरों पर समन्वय समितियों का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा गठित यह समितियां प्रदेश में नई रेल लाइनों को बिछाने, गेज कन्वर्जन, मल्टी-ट्रैकिंग और ओवरब्रिज (आरओबी/ आरयूबी) जैसे बड़े प्रोजेक्ट में आने वाली अड़चनों को दूर करने का काम करेगी। इसकी कमान मुख्य सचिव संभालेंगे तो कलेक्टर हर माह समीक्षा करेंगे।

दरअसल, अक्सर देखा जाता है कि रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण व वन विभाग की मंजूरी, बिजली-पानी की यूटिलिटी शिफ्टिंग और कानून व्यवस्था जैसे मामलों के कारण लटक जाते हैं। अब इन समितियों के माध्यम से रेलवे और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच सीधा तालमेल रहेगा, जिससे सभी अटके मामलों का समय पर निपटारा हो सकेगा।


इन समितियों की नियमित बैठकों में लंबित पड़े भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास जैसे गंभीर विषयों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना होगा। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विभाग से जुड़े मामलों को तुरंत सुलझाएं, ताकि राज्य से जुड़ी रेलवे परियोजनाओं में कोई बेवजह की देरी न हो।

ऐसे काम करेंगी समितियां

  • जिला स्तरीय समिति : जिला कलेक्टर अध्यक्ष होंगे। रेलवे के उप मुख्य अभियंता/ मुख्य परियोजना प्रबंधक और वन मंडल अधिकारी सहित जिले के तमाम बड़े तकनीकी अधिकारी सदस्य होंगे। समिति की बैठक हर माह होगी।
  • संभाग स्तरीय समिति : संभागायुक्त अध्यक्ष होंगे। जोनल रेलवे के मुख्य अभियंता समन्वयक होंगे, यह समिति हर दो माह में एक बार प्रोजेक्ट की समीक्षा करेगी।
  • प्रमुख सचिव स्तरीय समिति : लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रमुख सचिव अध्यक्ष और रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) इसके समन्वयक होंगे। बैठक हर तीन माह में होगी।
  • राज्य स्तरीय रेलवे परियोजना समन्वय समिति : इस शीर्ष समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव बनाए गए हैं। रेलवे के संबंधित महाप्रबंधक (जीएम) समन्वयक होंगे। ऊर्जा, राजस्व, पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव सदस्य रहेंगे। इसकी बैठक हर छह माह में या जरूरत के अनुसार बुलाई जाएगी।

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