
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राजवाड़ा पर हुए बस हादसे में अब तकनीकी खराबी का एक अहम पहलू सामने आया है। बस चालक धनराज गांगले के अनुसार, बस के आटोमैटिक गेट सिस्टम में पहले से परेशानी थी। सेमलिया के समीप ही बस के आटोमैटिक गेट खराब हो गए थे और उन्हें सेंसर से बंद होने के बजाय हाथ से धकेलकर बंद करना पड़ रहा था।
इसी दौरान हेल्पर ने वर्कशाप के कर्मचारियों श्रवण और सौरभ को फोन कर खराबी की सूचना भी दी थी। चालक के मुताबिक, राजवाड़ा पहुंचने पर भी बस का गेट खुल गया। उसे दोबारा हाथ से धकेलकर बंद किया गया। इसके बाद जब बस को स्टार्ट कर डी (ड्राइव) मोड में डाला गया तो वह अचानक आगे बढ़ गई। चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन ब्रेक ने काम नहीं किया। बस आगे बढ़ती चली गई और रास्ते में ई-रिक्शा तथा लोगों को चपेट में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी तौर पर बस के गेट में खराबी और ब्रेक फेल होने को सीधे तौर पर जोड़ना अभी जल्दबाजी होगा। चालक का कहना है कि गेट को बार-बार हाथ से बंद करने के दौरान संभवत: एयर ब्रेक सिस्टम ने काम करना बंद किया।
पुलिस के अनुसार, बस अभी 900 किमी ही चली है। इलेक्ट्रिक बस होने के कारण बस आटोमैटिक भी है। भारी वाहनों में एयर ब्रेक सिस्टम सामान्य कारों के हाइड्रोलिक ब्रेक से अलग होता है। इसमें हवा के दबाव के जरिए ब्रेकिंग होती है। पुलिस बस की मेकिनिकल जांच करवाएगी। दोपहर को ही घटनास्थल पर फोरेंसिक अफसरों को बुला लिया गया था।
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