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रानी कमलापति स्टेशन पर वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के बाद भी ट्रैफिक जाम, प्रीमियम ट्रेनों के समय 30 मिनट तक फंसे वाहन

समय की बढ़ती कमी के बीच यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन तक समय पर पहुंचना और वहां से आसानी से निकलना बेहद जरूरी है। लेकिन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर प...और पढ़ें

By anjalisingh tomarEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 16 Aug 2026 07:07:58 PM (IST)Updated Date: Sun, 16 Aug 2026 07:07:58 PM (IST)
रानी कमलापति स्टेशन पर वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के बाद भी ट्रैफिक जाम, प्रीमियम ट्रेनों के समय 30 मिनट तक फंसे वाहन
रानी कमलापति स्टेशन पर वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के बाद भी ट्रैफिक जाम

HighLights

  1. वंदे भारत व शताब्दी के समय लगता है भारी ट्रैफिक जाम
  2. गलत पार्किंग व आटो-कैब की भीड़ से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
  3. निकासी मार्ग और पिकअप-ड्राप जोन सुधारने की उठ रही मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। समय की बढ़ती कमी के बीच यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन तक समय पर पहुंचना और वहां से आसानी से निकलना बेहद जरूरी है। लेकिन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर प्रीमियम ट्रेनों के समय यही सफर परेशानी में बदल जाता है।

वंदे भारत, शताब्दी और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों के आने-जाने के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बाहर करीब 20 से 30 मिनट तक वाहनों की कतार लग रही है। इससे यात्रियों के साथ उन्हें लेने और छोड़ने आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


20-30 मिनट तक फंसे रहते हैं वाहन, बढ़ता है प्रदूषण

प्रीमियम ट्रेनों के समय स्टेशन के बाहर ग्राउंड पर स्थिति देखने पर सामने आया कि वाहनों का दबाव बढ़ने से करीब 20 से 30 मिनट तक ट्रैफिक धीमा रहता है। इस दौरान कई वाहन लगातार चालू रहते हैं, क्योंकि चालक जाम में फंसे होने के कारण गाड़ी बंद नहीं कर पाते। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत के साथ सड़क पर धुआं और प्रदूषण भी बढ़ता है।

मेन रोड पर कैब-ऑटो की भीड़ और पार्किंग की समस्या

स्टेशन के बाहर मेन रोड पर कैब और ऑटो के खड़े रहने से भी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। यात्रियों को लेने-छोड़ने वाली निजी गाड़ियां भी सड़क पर रुकती हैं। स्टेशन परिसर में जगह की कमी, एग्जिट मार्ग की सीमित व्यवस्था, पार्किंग की समस्या और स्पष्ट पिकअप-ड्रॉप पॉइंट नहीं होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस किया गया है, लेकिन बाहर ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर भी ध्यान जरूरी है। हयात की ओर बंद गेट खुलने से यातायात दबाव घट सकता है, फिर भी इसे नहीं खोला जा रहा है।

ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए ये हैं प्रमुख समाधान

  • अलग पिकअप-ड्रॉप जोन बनाया जाए।
  • प्रीमियम ट्रेनों के समय अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात हो।
  • कैब और ऑटो के लिए अलग स्टैंड तय किया जाए।
  • स्टेशन के बाहर नो-वेटिंग ज़ोन बनाया जाए।
  • गलत जगह खड़े वाहनों पर तत्काल कार्रवाई हो।
  • जरूरत के अनुसार वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए।

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यात्रियों और समिति सदस्यों का क्या कहना है?

रेलवे स्टेशन को तो वर्ल्ड क्लास बना दिया गया है, लेकिन एग्जिट मार्ग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। निकासी के समय आधे से पौन घंटे तक जाम की स्थिति बनती है। इस दौरान वाहन बंद नहीं कर सकते, जिससे लगातार पेट्रोल-डीजल का धुआं निकलता रहता है। - विक्रम आनंद, परिजन को छोड़ने आए

पहले भी उठ चुका है मुद्दा

इस समस्या को मई में जीएम के साथ हुई बैठक में उठाया गया था। इसके अलावा सीनियर डीसीएम के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला। समस्या का समाधान रेलवे को अपनी व्यवस्था में बदलाव कर करना होगा। - निरंजन वाधवानी, रेलवे सलाहकार समिति, भोपाल