
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। विदेश में संपत्ति या वित्तीय परिसंपत्ति रखने वाले छोटे करदाताओं के लिए जानकारी देने का अभी भी अवसर है। फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम 2026 के तहत ऐसे करदाता 31 दिसंबर 2026 तक अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। इस प्रविधान को लेकर व्यापारियों के बीच कई तरह की जिज्ञासाएं हैं।
इन्हीं सवालों के समाधान के लिए सोमवार को भोपाल टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन ने परिचर्चा आयोजित की। कार्यक्रम में प्रधान आयकर आयुक्त सृजनी मोहंती ने कहा कि आयकर अधिनियम 2025 में किए गए संशोधनों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाना है। संयुक्त आयकर आयुक्त सौरभ शर्मा ने नए प्रविधानों की बारीकियां समझाईं। आयकर अधिकारी आशीष मोदगिल ने कहा कि करदाता नए नियमों को लेकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।
परिचर्चा में व्यापारियों ने छोटे कारोबारियों के लिए सरल गाइडलाइन जारी करने और आयकर के नए नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि संशोधन स्वागत योग्य हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों को इन्हें समझने में आसानी हो, इसके लिए विभाग को सरल दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
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भारत व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर अग्रवाल ने आयकर विभाग से जीएसटी की तरह जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। कैटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बिलिंग और ऑडिट नियमों पर अलग से कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया। पूर्व अध्यक्ष टैक्स लॉ बार एसोसिएशन मृदुल आर्य ने कहा कि नए अधिनियम का विधिक विश्लेषण करके व्यापारियों को कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।