छत्तीसगढ़ कोल माइन्स के रिटायर्ड इंजीनियर से भोपाल में ठगी, 3 गुना लाभ का झांसा देकर निवेश के नाम पर 72 लाख उड़ाए
भोपाल में ठगों ने पीड़ित रिटायर्ड इंजीनियर से फेसबुक पर संपर्क किया। जिसके बाद वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया। आरोपियों ने ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Feb 2026 01:34:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 09 Feb 2026 01:47:33 AM (IST)
मुनाफे के नाम पर रिटायर्ड इंजीनियर से ठगीHighLights
- 3 गुना मुनाफे का लाभ दिखाकर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी
- आरोपियों ने रिटायर्ड इंजीनियर से 72 लाख रुपये ठग लिए
- शेयर बाजार में सुरक्षित निवेश और अधिक मुनाफे का दावा
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: सोशल मीडिया पर निवेश में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ कोल माइन्स के एक रिटायर्ड इंजीनियर से 72 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने फेसबुक से संपर्क कर पहले भरोसा जीता, फिर वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए बड़ी ठगी को अंजाम दिया।
मामला सामने आने के बाद शहर के हबीबगंज थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 72 वर्षीय अभय शरद मोहगावकर अरेरा कॉलोनी ई-1 में रहते हैं। 13 दिसंबर को फेसबुक पर एक प्रोफाइल से उनका संपर्क हुआ।
बातचीत के दौरान शेयर बाजार में सुरक्षित निवेश और अधिक मुनाफे का दावा किया गया। कुछ ही समय में उन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में शामिल कर लिया गया, जहां खुद को एक्सपर्ट बताने वाले माणिक व सिया वर्मा ने उनसे फोन पर संपर्क किया।
ग्रुप में कई लोगों ने भी गुमराह करने मुनाफे के कई स्क्रीनशाट और चार्ट भेजे, जिससे एप को लेकर उनका विश्वास और मजबूत होता गया। ग्रुप में लगातार तीन गुना रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद आरोपितों ने एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया, जो पूरी तरह फर्जी निकला।
मोटा मुनाफा दिखाकर जीता भरोसा
शुरुआत में कम राशि निवेश कराई गई और एप पर तीन गुना मुनाफा दिखाकर विश्वास जमाया गया। इसी भरोसे में पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। देखते ही देखते ठगी की रकम 72 लाख रुपये तक पहुंच गई।
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ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
जब पीड़ित ने जमा रकम निकालने की कोशिश की तो टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और रुपये मांगे गए। तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। संपर्क करने पर वाट्सएप ग्रुप बंद मिला और काल भी रिसीव नहीं हुए। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ई-जीरो एफआईआर के जरिए हबीबगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस बैंक खातों, एप और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।