MP के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग का खेल होगा खत्म, अब पोर्टल से होगी सीधी निगरानी
मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाने वाली सेवाओं में अब पारदर्शिता और जवाबदेही तय होने जा रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 09:42:47 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 09:42:46 PM (IST)
MP के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग का खेल होगा खत्म, AI generated imageनईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाने वाली सेवाओं में अब पारदर्शिता और जवाबदेही तय होने जा रही है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों के नियोजन, अनुबंध प्रबंधन और प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए ''आरओएएमएस'' (रिसोर्स आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है।
1 अप्रैल 2026 से नई व्यवस्था लागू
अब एक अप्रैल 2026 से विभागों द्वारा किए जाने वाले सभी नए आउटसोर्सिंग अनुबंधों और कार्य आदेशों की प्रविष्टि केवल इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आउटसोर्सिंग के माध्यम से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के प्रबंधन में एकरूपता लाने के लिए यह डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया गया है।
पोर्टल के लाभ और सुविधाएं
इस पोर्टल के शुरू होने से न केवल अनुबंधों का व्यवस्थित प्रबंधन होगा, बल्कि संसाधनों की वास्तविक स्थिति की निरंतर निगरानी भी संभव हो सकेगी। पोर्टल पर संसाधनों की जॉइनिंग, मासिक उपस्थिति और इनवॉइस जनरेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे कर्मचारियों को समय पर वेतन और पीएफ व ईएसआई जैसी अनिवार्य कटौतियों का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी तय
आदेश में यह भी स्पष्ट है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए संसाधनों का संपूर्ण नियोजन, डेटा प्रविष्टि, जानकारी की सत्यता और अनिवार्य कटौतियों का अनुपालन सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सेवा प्रदाता निजी या शासकीय एजेंसी की ही होगी।