• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

मंगोलिया से लौटे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेष, भोपाल में श्रद्धापूर्वक स्वागत

भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलान के अस्थि कलश स्वदेश लौट आए हैं।गुरुवार को ये अस्थि कलश वापस सांची लाए जाएंगे जहां समारोह पूर्वक...और पढ़ें

By dilip mangtaniEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 11 Jun 2026 02:43:59 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jun 2026 02:45:13 PM (IST)
मंगोलिया से लौटे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेष, भोपाल में श्रद्धापूर्वक स्वागत
भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलान के अस्थि कलश स्वदेश लौट आए हैं। नईदुनिया।

HighLights

  1. मंगोलिया प्रवास के बाद सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलश स्वदेश लौटे
  2. भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया
  3. गुरुवार को सांची के चेतियागिरी विहार में विधिवत स्थापना होगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भगवान बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलश 10 दिवसीय मंगोलिया प्रवास के बाद स्वदेश लौट आए हैं। बुधवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल पर इन पवित्र अवशेषों को बौद्ध सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत मंगोलिया भेजा गया था। वहां 10 दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन और पूजा-अर्चना की।

भावुक विदाई के साथ स्वदेश वापसी

मंगोलिया के प्रसिद्ध गंडन तेगचेनलिंग मठ में बुधवार सुबह विदाई समारोह आयोजित किया गया। धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच अस्थि कलशों को राजकीय सम्मान के साथ हवाई अड्डे तक पहुंचाया गया। वहां से वायुसेना के विशेष विमान से इन्हें भारत लाया गया।


प्रतिनिधिमंडल में शामिल महाबोधि सोसायटी, सांची के कार्यकारी निदेशक शकील सिद्दीकी ने बताया कि विदाई से पहले सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। अनेक लोगों की आंखें नम थीं और वे इन पवित्र अवशेषों को विदा करते समय भावुक हो उठे।

"10 दिनों में मंगोलिया बदल गया"

विदाई समारोह में गंडन तेगचेनलिंग मठ के मुख्य मठाधीश एवं खंबा लामा गेशे लहारम्पा डी. जावज़ांडोरज ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे पवित्र समय रहा। उन्होंने कहा, "सारिपुत्र ज्ञान के प्रतीक हैं और महामोग्गलान करुणा के। इन 10 दिनों में मंगोलिया को ज्ञान और करुणा दोनों का आशीर्वाद मिला।"

स्थानीय बौद्ध अनुयायियों ने भी कहा कि इन 10 दिनों में मंगोलिया में सकारात्मक बदलाव महसूस हुआ। लोगों के मन में श्रद्धा बढ़ी, वातावरण में शांति का अनुभव हुआ और प्रकृति भी अनुकूल रही।

आज सांची में होंगे स्थापित

बुधवार शाम अस्थि कलश दिल्ली पहुंचे, जहां उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के समीप रखा गया। गुरुवार को विशेष प्रोटोकॉल के तहत इन्हें सांची लाया जाएगा और चेतियागिरी विहार में विधिवत स्थापित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- रायसेन का सांची संग्रहालय: जहां पत्थर सुनाते हैं बुद्ध की कहानी...

भारत-मंगोलिया संबंधों को मिली नई मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के निदेशक कर्नल यश सक्सेना ने कहा कि इन पवित्र अवशेषों के मंगोलिया प्रवास ने भारत और मंगोलिया के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया है। इससे मंगोलियाई बौद्ध समुदाय को अपनी धार्मिक विरासत से गहरा जुड़ाव महसूस करने का अवसर मिला।

अस्थि कलश की मंगोलिया से दिल्ली वापसी हो चुकी है। प्रोटोकाल के तहत गुरुवार को सांची में इन्हें स्थापित किया जाना है। जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - मनीष शर्मा, एसडीएम रायसेन।