MP के स्कूलों से शुरू होगा कैंसर से बचाव का अभियान, छात्राओं को HPV वैक्सीन लगाने की तैयारी
स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण को बढ़ावा देने की पहल की है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 12:11:12 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 12:11:12 AM (IST)
स्कूलों से शुरू होगा कैंसर से बचाव का अभियान।HighLights
- स्कूलों से शुरू होगा कैंसर से बचाव का अभियान।
- छात्राओं को HPV वैक्सीन लगाने की तैयारी।
- अभिभावक व शिक्षक बैठक में दी जाएगी जानकारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण को बढ़ावा देने की पहल की है।
इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जाएगा और पात्र छात्राओं का टीकाकरण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राजधानी के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के प्राचार्यों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
कैंसर से बचाव का प्रभावी उपाय
आदेश में कहा गया है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरा सबसे प्रमुख कैंसर है। इस बीमारी से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन को प्रभावी उपाय माना जाता है, इसलिए स्कूलों के माध्यम से छात्राओं और उनके अभिभावकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
तीन माह का विशेष अभियान
स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण आगामी तीन माह तक मार्च, अप्रैल और मई तक चलाया जाएगा। इस अवधि में सभी निजी और सरकारी स्कूलों की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को चिन्हित कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए भेजा जाएगा।
अभिभावक व शिक्षक बैठक में दी जाएगी जानकारी
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल डायरी के माध्यम से अभिभावकों को टीकाकरण से संबंधित जानकारी दें। साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक में भी एचपीवी टीकाकरण के महत्व और इससे होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं इस अभियान का लाभ ले सकें।
यूविन पोर्टल पर होगा पंजीयन
टीकाकरण से संबंधित सभी जानकारी यूविन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी का आधार नंबर और अभिभावक का मोबाइल नंबर होना अनिवार्य रहेगा। स्कूलों को टीकाकरण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।