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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शाहपुरा थाने की पांच दिन की अवैध हिरासत और संदेही के थाने से फरार होने के मामले में आखिरकार कार्रवाई की गाज गिर गई है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्राथमिक जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है। मामले में थाने के मुंशी और स्क्वाड के पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिनकी अलग से विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बता दें 19 वर्षीय युवक को चोरी के ऐसे मामले में हिरासत में रखा गया था, जिसमें पिछले माह ही पुलिस खात्मा रिपोर्ट लगा चुकी थी। इसके बावजूद युवक को पांच दिन तक थाने के उस कमरे में रखा गया, जहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे थे। न गिरफ्तारी दर्ज की गई, न ही परिवार को सूचना दी गई। पांच दिन तक अवैध हिरासत के बाद 19 जनवरी को युवक थाने में छत के रास्ते से फरार हो गया था। हैरानी की बात यह रही कि जिस युवक को पांच दिन तक “गुपचुप” रखा गया, उसकी थाने में एंट्री तब की गई जब वह भाग चुका था।
फरारी के सात घंटे बाद रोजनामचे में दर्ज किया गया कि उसे हिरासत में लिया गया था, और तुरंत अभिरक्षा से भागने का केस दर्ज कर दिया गया। नवदुनिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले की प्रारंभिक जांच एसीपी हबीबगंज उमेश तिवारी को दी गई थी, लेकिन दो सप्ताह तक सतही पड़ताल के चलते कई बिंदु अनछुए रह गए। जब मामला पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा तो उन्होंने खुद संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच कराई। जांच में रिकार्ड में हेरफेर, हिरासत संबंधी नियमों का उल्लंघन और जिम्मेदारी तय करने में पक्षपात के संकेत मिले, जिसके बाद बुधवार को थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक थाना प्रभारी की चूक थी या पूरी टीम की मिलीभगत? जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में युवक फरार हुआ, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। थाना प्रभारी ने तब लीपापोती करते हुए दो ऐसे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की प्रतिवेदन डीसीपी को पहुंचा दिया था, जो ड्यूटी पर तैनात नहीं थे। इनमें से एक एसआई ने एसीपी को थाना प्रभारी द्वारा द्वेष भावना पूर्ण कार्रवाई करने की शिकायत की है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने थाना प्रभारी द्वारा गाली-गलौज करने की एक सीडी भी एसीपी को सौंपी थी। वहीं अब तक आरोपित के फरार होने के दौरान जिस मुंशी ने संतरी को ड्यूटी पर तैनात करने में लापरवाही बरती, उसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अवैध हिरासत और थाने से आरोपित के भाग जाने के प्रकरण में दोषी पाए जाने पर शाहपुरा थाना प्रभारी को सस्पेंड किया जा चुका है। विभागीय जांच जारी है, अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है तो निश्चित ही कार्रवाई होगी। - संजय कुमार, पुलिस आयुक्त भोपाल
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