नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के आधा दर्जन नामचीन निजी अस्पतालों को बंद करने का अल्टीमेटम दे दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने भोपाल के छह निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 के बाद वे अस्पताल संचालित नहीं कर पाएंगे।
इन अस्पतालों ने निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी अपने लाइसेंस और पंजीयन नवीनीकरण (रिन्यूअल) के लिए आवेदन नहीं किया है।
लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नहीं किया आवेदन
नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के अनुसार, निजी अस्पतालों को हर तीन साल में अपना पंजीयन रिन्यू कराना अनिवार्य होता है।
विभाग ने इस बार एनएचएस पोर्टल पर आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का पर्याप्त समय दिया था, लेकिन इन छह अस्पतालों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। अब एक अप्रैल से आगामी तीन वर्षों के लिए इनका लाइसेंस वैध नहीं माना जाएगा।
ये अस्पताल आए नोटिस की जद में
जहरा अस्पताल - लालघाटी चौराहा।
सरदार पटेल अस्पताल - मोतिया तालाब रोड।
राय हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर - कैपिटल पेट्रोल पंप के पास।
हेल्थ केयर हास्पिटल - बीडीए कालोनी, गोदरमऊ।
भगवती गौतम अस्पताल - दानिश कुंज, कोलार रोड।
सचिन ममता अस्पताल - सोनागिरी, पिपलानी।
एक्ट की धारा-तीन के तहत होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 (संशोधित 2021) की धारा-तीन के तहत बिना वैध पंजीयन के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का संचालन गैर-कानूनी है।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि 31 मार्च के बाद ये अस्पताल खुले पाए जाते हैं, तो इन्हें अवैध मानकर सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत इन अस्पतालों को रिन्यूअल के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन आवेदन न आने पर इन्हें नोटिस थमाए गए हैं।
31 मार्च के बाद इन अस्पतालों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल।