MP के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! दिन में उपयोग करें बिजली, बिल में मिलेगी 20% तक की छूट; जानें क्या है नया नियम
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिलिंग की सुविधा मिल रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 21 May 2026 07:13:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 07:13:05 PM (IST)
MP के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 10 लाख 19 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 4 लाख 38 हजार स्मार्ट मीटर भोपाल शहर वृत्त में स्थापित किए गए हैं।
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिलिंग की सुविधा मिल रही है। साथ ही बिजली खपत की सही रीडिंग सुनिश्चित होने से उपभोक्ताओं की शिकायतों में भी कमी आई है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल एप पर रियल-टाइम डेटा देख सकते हैं और अपनी बिजली खपत को नियंत्रित कर ऊर्जा बचत कर सकते हैं।
दिन में बिजली उपयोग पर मिलेगी विशेष छूट
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि नए टैरिफ आदेश के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यह लाभ खपत आधारित "टाइम ऑफ डे" (टीओडी) टैरिफ व्यवस्था के तहत दिया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह छूट सरकारी सब्सिडी को छोड़कर लागू होगी तथा विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के लिए निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार प्रभावी रहेगी।
स्मार्ट मीटर से मिल रहे कई फायदे
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को ऊर्जा खपत की निगरानी और नियंत्रण की आधुनिक सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत का सटीक मापन होता है और बिलिंग में त्रुटि की संभावना समाप्त होती है। उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से अपनी खपत की जानकारी प्राप्त कर ऊर्जा उपयोग को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं। इसके अलावा ऊर्जा की बचत होने से पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिल रही है। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए विभागीय टीमें लगातार कार्यरत हैं।