सीएम से परीक्षा मंत्र सुनने के लिए विद्यार्थी दो घंटे तक करते रहे इंतजार, मोहन यादव का कार्यक्रम निरस्त होने से छात्रों में मायूसी
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इसके लिए छात्र ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 05:05:19 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 05:10:25 AM (IST)
कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री का इंतजार करते छात्रHighLights
- भोपाल में मुख्यमंत्री की 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम निरस्त
- बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी कक्षाएं छोड़कर पहुंचे थे
- कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी पर छात्रों में मायूसी
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: राजधानी में आयोजित होने वाले 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के निरस्त होने से विद्यार्थियों को निराशा हाथ लगी। शनिवार को शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया जाना था।
कार्यक्रम को लेकर विद्यालय परिसर में पूरी तैयारियां कर ली गई थीं। मंच सजाया गया था और विद्यार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था भी की गई थी। दोपहर करीब एक बजे से ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी कक्षाएं छोड़कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के मंत्र और मार्गदर्शन सुनने को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा था।
कई विद्यार्थी समय से पहले ही पहुंचकर अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठ गए और मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार करने लगे। विद्यार्थी करीब दो घंटे तक कार्यक्रम शुरू होने की उम्मीद में इंतजार करते रहे। इस दौरान शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों को शांत बनाए रखने और कार्यक्रम की जानकारी देने का प्रयास किया। हालांकि, दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिली कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में शराब पार्टी के बाद कार चालक का उत्पात, कई वाहनों को मारी टक्कर, हादसे में बाल-बाल बचा बाइक सवार
कार्यक्रम रद्द होने पर छात्रों में मायूसी
यह जानकारी मिलते ही विद्यार्थियों में मायूसी छा गई। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग की वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहें। अंत में स्कूल के प्राचार्य सुधाकर पाराशर ने विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतर करने के टिप्स दिए। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षाओं में भेजा गया।