नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
शुक्रवार को वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर पदवृद्धि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला भी रोककर वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पद बढ़ाने की मांग रखी।
नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 15 दिन से धरना दे रहे हैं। वहीं वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठीं अभ्यर्थी कीर्ति झा की शुक्रवार को फिर तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया।
पहली बार वर्ग-1, 2 और 3 के अभ्यर्थी एक मंच पर
शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी एक साथ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, इसके बावजूद भर्ती में पदों की संख्या सीमित रखी गई है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पात्रता और चयन परीक्षा के लिए कड़े मापदंड निर्धारित किए। उन्होंने इन परीक्षाओं को पास किया, लेकिन पर्याप्त पद नहीं होने के कारण चयन से बाहर होना पड़ रहा है।
1.15 लाख शिक्षक पद खाली होने का दावा
धरने में शामिल अभ्यर्थी लेखा दास ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 1.15 लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके बावजूद सरकार सीमित पदों पर भर्ती कर रही है।
अभ्यर्थियों के अनुसार वर्ष 2024 में पात्रता परीक्षा और वर्ष 2025 में चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दीप्ति राय ने 99.60 प्रतिशत, ममता गौतम ने 99.06 प्रतिशत और श्रेष्ठ जोशी ने 99.047 प्रतिशत अंक हासिल किए, इसके बावजूद पदों की कमी के कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।
वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं।
वर्ग-2: प्रत्येक विषय में कम से कम 3-3 हजार पद बढ़ाए जाएं।
वर्ग-3: कुल 25 हजार पदों पर नियुक्ति दी जाए।
अभ्यर्थियों का दावा है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 में करीब 15-15 हजार अभ्यर्थी भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन से जुड़े हैं।
'शिक्षकों की कमी तो भर्ती में पद क्यों सीमित'
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार एक ओर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पात्रता और चयन परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को पर्याप्त पद नहीं होने के कारण नियुक्ति से वंचित किया जा रहा है। इसी विरोधाभास के चलते अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल और आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।