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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 'हमारे शिक्षक' एप को अपडेट किया है। अब शिक्षकों को केवल स्कूल पहुंचकर ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करनी होगी, बल्कि छुट्टी के बाद लॉगआउट भी स्कूल परिसर से ही करना होगा। विभाग का कहना है कि इससे अटेंडेंस लगाने के बाद स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
लोकेशन आधारित नई व्यवस्था लागू की गई
विभाग के अनुसार लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई शिक्षक स्कूल पहुंचकर फेस कैप्चर के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के बाद समय से पहले घर लौट जाते थे और निर्धारित समय पर घर से ही लॉगआउट कर देते थे। अधिकारियों के मुताबिक लॉगआउट के समय 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की लोकेशन स्कूल परिसर से बाहर पाई गई थी। इसके बाद लोकेशन आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है।
अब शिक्षकों को स्कूल परिसर के लगभग 200 मीटर दायरे के भीतर ही लॉगआउट की सुविधा मिलेगी। विभाग के अनुसार प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक नियमित शिक्षक, 93 प्रतिशत अतिथि शिक्षक और 100 प्रतिशत प्राचार्य ई-अटेंडेंस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं।
छह घंटे की ड्यूटी पूरी करना अनिवार्य
'हमारे शिक्षक' एप में फेस रिकग्निशन और जीपीएस लोकेशन के आधार पर उपस्थिति दर्ज होती है। शिक्षक जिस समय लॉगइन करेंगे, उसके कम से कम छह घंटे बाद ही लॉगआउट कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई शिक्षक सुबह 10:30 बजे उपस्थिति दर्ज करता है तो वह शाम 4:30 बजे के बाद ही लॉगआउट कर सकेगा। यदि 11 बजे उपस्थिति दर्ज की जाती है तो लॉगआउट शाम पांच बजे के बाद ही संभव होगा। यही व्यवस्था दो पाली वाले स्कूलों में भी लागू रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों पर पड़ेगा ज्यादा असर
नई व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव उन शिक्षकों पर पड़ेगा जो ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पदस्थ हैं, लेकिन शहरों में रहते हैं। पहले वे स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराकर वापस घर लौट जाते थे और वहीं से लॉगआउट कर लेते थे। अब ऐसा संभव नहीं होगा।
ई-अटेंडेंस में छोटे जिले आगे
ई-अटेंडेंस लगाने में अनूपपुर, बैतूल, मंडला, सतना, बालाघाट, बड़वानी, मंदसौर, नीमच और राजगढ़ जैसे जिले आगे हैं, जहां शिक्षक, प्राचार्य और अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति 95 प्रतिशत से अधिक है। वहीं भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम और रायसेन जैसे जिले इस मामले में पीछे हैं।
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