
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में लंबे समय से रिक्त पड़े शैक्षणिक पदों को भरने की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को वचनबद्धता वाले रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की सहमति प्रदान कर दी है। इससे विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर होने और शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग ने पूर्व में विश्वविद्यालय के लिए कुल 105 शैक्षणिक पदों को स्वीकृति दी थी।
इन पदों के संबंध में समय-समय पर विभिन्न आदेशों के माध्यम से वचनबद्धता भी दर्शाई गई, लेकिन सभी पदों पर नियुक्तियां नहीं हो सकीं। अब तक स्वीकृत 105 पदों में से केवल 37 पदों पर ही नियुक्तियां हो पाई हैं, जबकि 68 पद अभी भी रिक्त हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त शैक्षणिक पदों को चार माह के भीतर भरने के संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसी आदेश के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर विचार करते हुए शेष रिक्त पदों पर नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है।
उच्च शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि वचनबद्धता वाले पदों पर नियुक्तियां नियमानुसार की जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
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विश्वविद्यालय को उपलब्ध संसाधनों और बजट प्रविधानों के भीतर ही भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से शिक्षकों की कमी के कारण कई विभागों में शैक्षणिक और शोध गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। 68 रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा विश्वविद्यालय की शिक्षा और अनुसंधान व्यवस्था को नई गति मिल सकेगी।