भोपाल में 32वें दिन भी जारी शिक्षक आंदोलन: तबीयत बिगड़ने पर नरेंद्र का निर्जल अनशन टूटा; भूख हड़ताल पर अड़े अभ्यर्थी
नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद अभ्यर्थियों ने उनकी जान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्जल अनशन खत्म कराया है। भूख हड़ताल और आंदोलन जार...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 09:48:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 09:48:15 PM (IST)
नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद अभ्यर्थियों ने उनकी जान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्जल अनशन खत्म कराया है। नईदुनिया।HighLights
- नरेंद्र सिंह राजपूत का 11 दिन से चल रहा निर्जल अनशन समाप्त
- 25 हजार अतिरिक्त शिक्षक पद बढ़ाने की मांग पर 32वें दिन भी धरना
- वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में पदवृद्धि को लेकर प्रदर्शन जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक पदों में वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को 32वें दिन भी जारी रहा।आंदोलन में शामिल नरेंद्र सिंह राजपूत के निर्जल अनशन का 11वां दिन था।
लंबे समय से निर्जल अनशन के कारण रविवार देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए निर्जल अनशन समाप्त कराने का निर्णय लिया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि नरेंद्र राजपूत अब भी भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि मांगों के संबंध में सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आंदोलन रहेगा जारी
आंदोलनकारियों ने कहा कि शिक्षक पदों में वृद्धि से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उनका आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद अभ्यर्थियों ने उनकी जान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्जल अनशन खत्म कराया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश के बीच जारी रहा धरना
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बीच उनका धरना जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण धरना स्थल पर पानी भर गया है, जिससे अभ्यर्थियों के लिए सोना तो दूर, बैठना भी दूभर हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विपरीत मौसम और प्रशासनिक उपेक्षा के बावजूद वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रमुख मांगें:
वर्ग-2 में पदवृद्धि: कम से कम 10,000 अतिरिक्त पदों को शामिल किया जाए।
वर्ग-3 में पदवृद्धि: कम से कम 25,000 नए पद बढ़ाए जाएं।
द्वितीय काउंसलिंग: पदवृद्धि के साथ शीघ्र द्वितीय काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित परीक्षा में बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं, लेकिन सीमित पदों के कारण उनका चयन अटका हुआ है। एक तरफ जहां युवाओं का भविष्य अधर में है, वहीं दूसरी तरफ अनशनकारी की गिरती सेहत के कारण आंदोलन स्थल पर स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है।