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MP में 2011-13 में पदोन्नत 10 हजार शिक्षकों पर TET का पेंच; सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार पात्र शिक्षकों की सूची सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद जारी की जाएगी; संगठन ने फिलहाल शिक्षकों से टीईटी फॉर्म नहीं भरन...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 11:43:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 11:43:14 PM (IST)
MP में 2011-13 में पदोन्नत 10 हजार शिक्षकों पर TET का पेंच; सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।।

HighLights

  1. 10 हजार शिक्षकों में असमंजस
  2. वर्षवार-कैडरवार सूची की मांग
  3. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । प्रदेश के सरकारी स्कूलों के करीब डेढ़ लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करनी होगी।

कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की ओर से 21 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन शिक्षक संगठन अभी आवेदन करने से इन्कार कर रहे हैं। 2011 और 2013 में पदोन्नत करीब 10 हजार शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

इन शिक्षकों को लेकर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे पात्रता परीक्षा के दायरे में आएंगे या नहीं।

अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात कर वर्षवार और कैडरवार सूची जारी करने की मांग की। मोर्चा का कहना है कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि किन शिक्षकों को परीक्षा देनी है।


ऑनलाइन व ऑफलाइन विकल्प और नजदीकी केंद्र की मांग

संयुक्त मोर्चा के जगदीश यादव ने मांग रखी कि जिन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है, उन्हें ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा में से विकल्प दिया जाए। परीक्षा केंद्र जिला और तहसील स्तर पर बनाए जाएं, ताकि शिक्षकों को दूर नहीं जाना पड़े।

साथ ही परीक्षा का पाठ्यक्रम शिक्षकों के वर्तमान अध्यापन स्तर के अनुरूप रखने की मांग की गई है। मोर्चा ने वर्ष 2005 से परीक्षा देकर भर्ती हुए शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग भी उठाई।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी होगी सूची

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मंत्री उदय प्रताप सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वर्ष 2005 और 2008 में परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को राहत देने के लिए शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों की सूची जारी की जाएगी। मंत्री ने विभाग और ईएसबी से चर्चा कर विधिसम्मत समाधान निकालने का आश्वासन भी दिया।

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शिक्षकों से फार्म नहीं भरने की अपील

मोर्चा ने मंत्री और आयुक्त के आश्वासन के बाद शिक्षकों से फिलहाल टीईटी का फार्म नहीं भरने की अपील की है। साथ ही 30 अगस्त को दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का आह्वान किया है। आयुक्त ने परीक्षा केंद्र बढ़ाने और शिक्षकों के हित से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।