आज CM मोहन यादव वाराणसी में MP-UP सहयोग सम्मेलन में होंगे शामिल, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का करेंगे भ्रमण
भोपाल से मुख्यमंत्री मोहन यादव वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां निवेश, शिल्प, पर्यटन और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर् ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 12:06:47 PM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 12:06:47 PM (IST)
सीएम मोहन यादव सोमवार को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में शामिल होंगे। (फाइल फोटो)HighLights
- मोहन यादव वाराणसी सम्मेलन में निवेश अवसरों पर चर्चा करेंगे
- एमपी-यूपी के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा
- ओडीओपी और जीआई उत्पादों की ब्रांडिंग पर चर्चा होगी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में शामिल होंगे। इसमें वे दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी व जीआइ टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों एवं पर्यटन संभावनाओं को साझा मंच पर प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन में उद्योग, शिल्प, निवेश और पर्यटन से जुड़े हितधारक एकत्रित होंगे।
मुख्यमंत्री की वाराणसी यात्रा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां तीर्थ क्षेत्र में विकसित क्राउड फ्लो मैनेजमेंट, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया जाएगा। यह अनुभव सिंहस्थ 2028 की तैयारी, धार्मिक पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित विकास और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को समझने का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री बीएलडब्ल्यू मैदान में तीन से पांच अप्रैल तक होने वाले महानाट्य विक्रमोत्सव के कार्यक्रम स्थल का मुआयना भी करेंगे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम
- सम्मेलन के मुख्य सत्र में निवेश, औद्योगिक सहयोग और ओडीओपी आधारित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी, जहां मप्र की निवेश-अनुकूल नीतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन तंत्र को प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सत्र में दोनों राज्यों के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे।
- दोपहर बाद नेटवर्किंग सत्र में उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद होगा। संयुक्त शिल्प कार्यशाला में मध्य प्रदेश के चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार उत्तरप्रदेश के बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ साझा ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और ‘गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर’ की अवधारणा पर कार्य करेंगे, जिससे पारंपरिक शिल्प को नए बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल होगी। टूरिज्म राउंड टेबल में वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़ते हुए एक संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।