परिवहन विभाग का पोर्टल 'फेल': कंपनियों के बदले नामों ने रोका पुराने वाहनों का नवीनीकरण, मांगी अफसरों से मदद
प्रदेश भर में पुराने वाहनों के हजारों मालिक इन दिनों एक अजीबोगरीब तकनीकी समस्या से जूझ रहे हैं। यहां उन वाहनों के आरसी (रजिस्ट्रेशन कार्ड) का नवीनीकरण ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 09 Apr 2026 08:38:56 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Apr 2026 08:39:42 PM (IST)
परिवहन विभाग का पोर्टल 'फेल'HighLights
- कंपनियों के नाम बदलने से सॉफ्टवेयर में डेटा सिंक नहीं हो पा रहा है
- 15 साल पुराने वाहनों के मालिक आरसी नवीनीकरण के लिए भटक रहे हैं
- नाम मिसमैच होने के कारण हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग भी रुकी
मुकेश विश्वकर्मा, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश भर में पुराने वाहनों के हजारों मालिक इन दिनों एक अजीबोगरीब तकनीकी समस्या से जूझ रहे हैं। यहां उन वाहनों के आरसी (रजिस्ट्रेशन कार्ड) का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है, जिनकी निर्माता कंपनियों के नाम बीते वर्षों में बदल चुके हैं। परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में वाहन के तत्कालीन निर्माता का नाम दर्ज है, जबकि वर्तमान में उन कंपनियों का अस्तित्व नए नाम से है। डाटा मिसमैच होने के कारण पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा है।
सॉफ्टवेयर में दर्ज है पुराना रिकॉर्ड
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की आरसी का नवीनीकरण अनिवार्य है। लेकिन जब वाहन मालिक पोर्टल पर आवेदन करते हैं, तो कंपनी का नाम (मेकर) बाधा बन जाता है। उदाहरण के तौर पर फोर्स मोटर्स की "तूफान" गाड़ी का वर्तमान में मेकर फोर्स मोटर कंपनी है, लेकिन साल 2010 तक के रिकॉर्ड में इसका मेकर "बजाज टैंपो लिमिटेड" दर्ज था। अब जब इन गाड़ियों की आरसी के नवीनीकरण की जरूरत पड़ी है, तो सॉफ्टवेयर में निर्माता कंपनी का नाम बजाज टैंपो मांगता है, जबकि वर्तमान में पोर्टल पर केवल फोर्स मोटर्स ही उपलब्ध है। इस डाटा मिसमैच के कारण आवेदन की प्रक्रिया आगे ही नहीं बढ़ पा रही है। रोजाना कई लोग इस तरह की समस्या लेकर अधिकारियों से मिलने पहुंच रहे हैं।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग भी रुकी
पोर्टल पर मेकर का नाम मैच न होने के कारण ऐसी पुरानी गाड़ियों के मालिक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं ले पा रहे हैं। बिना ऐसे नंबर प्लेट के विभाग फिटनेस का नवीनीकरण नहीं कर रहा है। इसके कारण वाहन मालिक कानूनी पेचीदगियों में फंसने को मजबूर हैं, क्योंकि बिना फिटनेस और आरसी के वाहन चलाना नियमों के विरुद्ध है।
कंपनियों के मेकर नाम बदलने के कारण तकनीकी समस्या आ रही है। सॉफ्टवेयर में पुराने मेकर का नाम होने और वर्तमान में कंपनी का नाम बदलने से डाटा सिंक नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया गया है, ताकि सॉफ्टवेयर में आवश्यक सुधार कर पुराने वाहनों के रिकॉर्ड को अपडेट किया जा सके। - जितेंद्र शर्मा, आरटीओ, भोपाल।