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रेलवे की रोटेशन नीति को ठेंगा... भोपाल डीआरएम कार्यालय में 27-27 साल से एक ही कुर्सी पर जमे हैं कर्मचारी

रेलवे में भी संवेदनशील पदों पर पदस्थ कर्मचारियों के लिए रोटेशन व्यवस्था लागू की जाती है, जिसके तहत सामान्यतः तीन से चार साल बाद कर्मचारियों का स्थानां...और पढ़ें

By anjalisingh tomarEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 06:23:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 06:23:17 PM (IST)
रेलवे की रोटेशन नीति को ठेंगा... भोपाल डीआरएम कार्यालय में 27-27 साल से एक ही कुर्सी पर जमे हैं कर्मचारी
एक ही कुर्सी पर जमे हैं कर्मचारी (सांकेतिक तस्वीर)

अंजली तोमर, नईदुनिया, भोपाल। हर विभाग में कामकाज को पारदर्शी, जवाबदेह और संतुलित बनाए रखने के लिए नियम बनाए जाते हैं। रेलवे में भी संवेदनशील पदों पर पदस्थ कर्मचारियों के लिए रोटेशन व्यवस्था लागू की जाती है, जिसके तहत सामान्यतः तीन से चार साल बाद कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाता है। लेकिन पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल कार्यालय में ऐसे पदों पर कई ऐसे चेहरे हैं जिनको एक ही कुर्सी पर 20-20 साल हो गए?

रेलवे की नीति कहती है कि संवेदनशील पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों का हर चार साल में स्थानांतरण हो। ऐसे पदों में जनता से संपर्क, ठेके, नकदी और बिल संबंधी काम करने वाले सेक्शन आते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्था बनी रहे। भोपाल डीआरएम कार्यालय के कमर्शियल विभाग, स्टेशन मास्टर कैडर और क्लर्क श्रेणी के कुछ पदों पर ऐसे कर्मचारियों की जानकारी सामने आई है, जो कई वर्षों से एक ही कार्यालय या समान प्रकृति के कार्यों पर बने हुए हैं।


इन विभागों में वर्षों से जमे हैं लोग

1. कमर्शियल डिपार्टमेंट

अजय चक्रधर – सीआरएस – लगभग 23 साल

के.एन. बिंदु – सीआरएस – 27 साल

रजनी राठौर – सीआरएस – 20 साल

सुल्तान जहां – एसआरएस – 20 साल

गौहर नाज़िर – सीटीआई – 27 साल

प्रकाश सिंह – सीटीआई – 25 साल

वीएस श्रीवास्तव – सीटीआईसी – 16 साल

चित्रकांत सोनी – सीटीआई – 24 साल

एस.आर. मीना – सीआरएस – 20 साल

शशांक सक्सेना – सीटीआई – 20 साल

वीपी वाघ – सीपीएस – 15 साल

2. सेंसिटिव पोस्ट (स्टेशन मास्टर कैडर)

अनिल यादव – डिविजनल स्टेशन मास्टर कैडर का काम – सात साल

महेन्द्र सिंह राठौर – स्टेशन मास्टर – सात साल

राजीव चौहान – स्टेशन मास्टर – चार साल

आर.के. शर्मा – स्टेशन मास्टर – सात साल

3. क्लर्क पद / ऑफिस सुपरिटेंडेंट

रोहित मालवीय – पांच साल

संजना हीरा – 15 साल

राकेश राय – 12 साल

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सभी कर्मचारियों के संबंध में सामान्य निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। विभाग में केवल चिह्नित संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए रोटेशन व्यवस्था लागू होती है। उसके तहत उन्हें सामान्यतः तीन से चार वर्ष के बाद अन्य जिम्मेदारी पर स्थानांतरित किया जाता है, ताकि कार्य में पारदर्शिता और संतुलन बना रहे। - पंकज त्यागी, डीआरएम, पश्चिम मध्य रेलवे