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आबकारी विभाग नाकाम, महिलाएं मैदान में: जुन्नारदेव के मोयारी गांव में महिलाओं ने पकड़ी अवैध शराब से भरी बोलेरो

ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने ठान लिया तो अवैध शराब के धंधेबाजों की कलई खुलनी तय है। मोयारी गांव में महिलाओं ने साहस का परिचय देते हुए अवैध शराब ले ...और पढ़ें

By Ashish MishraEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 06:43:42 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 06:50:05 PM (IST)
आबकारी विभाग नाकाम, महिलाएं मैदान में: जुन्नारदेव के मोयारी गांव में महिलाओं ने पकड़ी अवैध शराब से भरी बोलेरो
जुन्‍नारदेव में महिलाओं ने पकड़ी शराब।

HighLights

  1. मोयारी गांव की महिलाओं का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा है।
  2. यह घटना दर्शाती है कि यदि जनता जागरूक होकर आगे नहीं आएगी।
  3. तब तक इस प्रकार के अवैध कारोबारों पर अंकुश लगाना मुश्किल है।

जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा)। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र के ग्राम मोयारी में महिलाओं ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक मिसाल पेश की है। जिस अवैध शराब की सप्लाई को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग नाकाम साबित हो रहे थे, उसे मोयारी की साहसी महिलाओं ने अपनी एकजुटता और हिम्मत के बल पर बेनकाब कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने ठान लिया तो अवैध शराब के धंधेबाजों की कलई खुलनी तय है। मोयारी गांव में महिलाओं ने साहस का परिचय देते हुए अवैध शराब ले जा रही बोलेरो गाड़ी को पकड़ लिया और माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। महिलाओं की इस कार्रवाई से शराब तस्करों के होश उड़ गए हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्ति अभियानों' को महज एक दिखावा करार दिया है।


सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि जब गाँव की आम महिलाएं बिना किसी प्रशासनिक बल के अवैध शराब पकड़ सकती हैं, तो पुलिस और आबकारी विभाग क्या कर रहा है? क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि जिले के हर गांव के लोग मोयारी की महिलाओं जैसी हिम्मत दिखाएं, तो अवैध शराब माफिया का नामोनिशान मिट जाएगा।

मोयारी गांव की महिलाओं का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जब तक जनता खुद जागरूक होकर आगे नहीं आएगी, तब तक इस प्रकार के अवैध कारोबारों पर अंकुश लगाना मुश्किल है। प्रशासन को भी इन महिलाओं के साहस से सीख लेकर आबकारी और पुलिस अमले की सुस्ती को दूर करना चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।