AI का सब्सक्रिप्शन लेकर बनाए 9 लड़कियों के अश्लील डीपफेक फोटो और वीडियो, छिंदवाड़ा में दो नाबालिग गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में दो नाबालिगों द्वारा 9 लड़कियों के डीपफेक फोटो और वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 11:34:24 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 11:48:48 AM (IST)
पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त किए मोबाइल, इन्हीं से डीपफेक वीडियो और फोटो बनाकर दोस्तों को शेयर कर रहे थे दोनों।HighLights
- 15-16 साल के दो लड़कों ने तकनीक का इस्तेमाल की ये वारदात
- 9 लड़कियों की तस्वीरों को न्यूड तस्वीरों और वीडियो में बदल दिया
- एक लड़की को मोबाइल पर भेजी उसकी और सहेलियों की डीपफेक तस्वीर
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग का एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां 15-16 साल के दो लड़कों ने तकनीक का इस्तेमाल कर 9 लड़कियों की तस्वीरों को अश्लील (न्यूड) तस्वीरों और वीडियो में बदल दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह किसी फिरौती या ब्लैकमेलिंग के लिए नहीं, बल्कि 'मानसिक विकृति' के चलते किया गया। 24 जनवरी की रात इस पूरे कांड का खुलासा हुआ।
नागपुर रोड निवासी एक पीड़ित लड़की को उसके मोहल्ले के ही एक लड़के ने टेलीग्राम ऐप पर उसकी और उसकी दो सहेलियों की AI जनरेटेड न्यूड तस्वीरें दिखाईं। जब पीड़िता ने लड़के का मोबाइल चेक किया, तो पता चला कि वह तस्वीरें न केवल बनाई गई थीं, बल्कि वॉट्सएप के जरिए अन्य दोस्तों को शेयर भी की जा रही थीं। कोतवाली टीआई आशीष कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम की मदद ली। जांच में पता चला कि कुल 9 लड़कियों को निशाना बनाया गया है।
अश्लील फोटो बनाने के लिए एआई का सब्सक्रिप्शन लिया था
आरोपियों ने अश्लील सामग्री बनाने के लिए किसी साधारण एडिटर का नहीं, बल्कि उन्नत AI टूल्स का उपयोग किया। आरोपियों ने अश्लील फोटो बनाने वाले एआई ऐप्स/वेबसाइट्स पर पैसे खर्च कर सब्सक्रिप्शन लिए थे। टेलीग्राम और वॉट्सएप का इस्तेमाल इन तस्वीरों को वायरल करने के लिए किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन जप्त किए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
सोशल मीडिया पर संभलकर पोस्ट करें तस्वीरें
यह मामला समाज और अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। तकनीक के प्रति किशोरों का आकर्षण अब अपराध की ओर मुड़ रहा है। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक अपनी तस्वीरों को 'प्राइवेट' रखें या 'प्रोफाइल लॉक' का उपयोग करें।
इंटरनेट पर आपकी एक सामान्य फोटो का भी गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। आईटी एक्ट के तहत अश्लील सामग्री बनाना और प्रसारित करना गैर-जमानती अपराध है, भले ही आरोपी नाबालिग क्यों न हों (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के तहत कार्रवाही होती है)।