
नईदुनिया न्यूज, हटा। सिविल अस्पताल में नाबालिग की डिलीवरी के बाद सामने आए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बीएनएस एवं पाक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
12 मई को एक नाबालिग युवती पेट दर्द की शिकायत लेकर हटा सिविल अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकीय जांच में उसके लगभग सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
बाद में अस्पताल में पीड़िता की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। मामले की सूचना पर महिला पुलिस अधिकारी महमूदा बानो ने सिविल अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए।
पीड़िता की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 00/26 के तहत धारा 65,1, 64,2 एफ, 64,2 एम 351, 2 बीएनएस तथा 3/4, 5 जे, 2, 5 एल, 5 एन/6 पाक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
पीड़िता ने पूछताछ में नवजात बच्ची के पिता के रूप में आरोपित हरिदास बंसल का नाम बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह कक्षा 9वीं तक पढ़ी है और आरोपित रिश्ते में उसके चाचा तिजुआ का पुत्र है जिसे वह भाई कहती थी।आरोपी का उसके घर आना-जाना था।
पीड़िता के अनुसार करीब डेढ़ वर्ष पहले आरोपित अपनी पत्नी के प्रसव के बाद उसे काम कराने के बहाने अपने घर ले गया था। इसी दौरान 26 नवंबर 2024 की रात आरोपित ने उसकी पत्नी के सो जाने के बाद उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
डर और बदनामी के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई। इसके बाद आरोपित कई बार उसके साथ जबरदस्ती करता रहा जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता ने बताया कि 9 मई 2026 को अचानक पेट में दर्द होने पर वह अपने स्वजनों के साथ सरकारी अस्पताल हटा पहुंची जहां उसने बच्ची को जन्म दिया।
बाद में उसने अपने माता-पिता और जीजा को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित हरिदास बंसल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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