दतिया मेडिकल कॉलेज में लेखपाल की नौकरी लगवाने का दिया झांसा, ठगे 8.10 लाख रुपये
मुरैना में ठग ने नौकरी का झांसा देकर 8.10 लाख ठगे, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर फरार, पुलिस में मामला दर्ज। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Apr 2026 01:23:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Apr 2026 01:23:08 PM (IST)
दतिया मेडिकल कॉलेज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- दतिया मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया।
- ठग ने परिवार से कुल 8.10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
- फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर आरोपी ने भरोसा दिलाया पीड़ितों को।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। दतिया मेडिकल कॉलेज में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक ठग ने गांव के एक परिवार से 8.10 लाख रुपये ठग लिए।
अंबाह की मधुपुरी कॉलोनी में रहने वाले कृष्ण नारायण पुत्र नरसिंह बिहारी श्रीवास्तव ने थाने में बताया कि उनका बेटा आकाश श्रीवास्तव सरकारी नौकरी में भर्ती की तैयारी कर रहा था। 15 दिसंबर 2024 को महुआ थाना क्षेत्र के सारूपुरा गांव का निवासी शिवप्रताप पुत्र राधेश्याम सखबार उनके घर आया। अखबार में निकली एक विज्ञप्ति दिखाई, जिसमें दतिया मेडिकल कालेज में भर्तियों की जानकारी थी।
मंत्री व अफसरों की पहुंच की बात कर दिया धोखा
- शिवप्रताप ने कहा कि उसकी पहुंच मंत्री व अफसरों तक है। वह दतिया मेडिकल कॉलेज में लेखपाल के पद पर आकाश की सरकारी नौकरी लगवा सकता है। इस पर 10 लाख रुपये खर्च आएगा। बाद में 8 लाख रुपये में राजी हो गया। बकौल कृष्ण नारायण 5 लाख रुपये लेने के दो-तीन दिन बाद ही ठग शिवप्रताप सखबार उनके बेटे आकाश को दतिया ले गया, वहां मेडिकल कॉलेज घुमवाया, कुछ लोगों से मिलवाया और रात में एक होटल में रुकवाया।
दूसरे दिन कहा कि तुम्हारी नौकरी का काम हो गया। शिवप्रताप ने ज्वाइनिंग लेटर पकड़ाया। कहा कि बाकी के 3.10 लाख रुपये जल्दी से दिलवा देना, तुम्हारी ज्वाइनिंग 15 अप्रैल 2025 को होगी। कृष्ण नारायण ने शिवप्रताप द्वारा बताए गए सात मोबाइल नंबर पर 3 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर पता लगा, ज्वाइनिंग लेटर ही फर्जी
पीड़ित आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि वह 15 अप्रैल 2025 को मेडिकल कॉलेज में जॉइनिंग के लिए गया। वहां जाकर पता चला कि उसकी नौकरी नहीं लगी है। जॉइनिंग लेटर ही फर्जी है, जो कभी भी मेडिकल कॉलेज से जारी नहीं हुआ। पीड़ित के अनुसार शिवप्रताप एक साल तक उन्हें रुपये वापस करने का झांसा देकर चक्कर लगवाता रहा। उसके बाद वह घर छोड़कर लापता हो गया।