दतिया में फेसबुक पर दोस्ती कर महिला से ठगे 18 लाख, नौकरी दिलवाने के बहाने मांगे रुपये
दतिया में फेसबुक दोस्ती के जरिए महिला से इलाज और नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 18 लाख रुपये ठग लिए, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 23 Mar 2026 08:19:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 23 Mar 2026 08:19:52 AM (IST)
फेसबुक पर दोस्ती कर ठगे लाखों रुपये। (फाइल फोटो)HighLights
- फेसबुक फ्रेंड बनकर महिला को ठगों ने भरोसे में लिया
- इलाज और नौकरी के नाम पर कई बार पैसे ट्रांसफर कराए
- अलग-अलग बहानों से करीब अठारह लाख रुपये ठग लिए
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। फेसबुक के दोस्त ने झांसा देकर एक महिला से 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस दौरान साइबर ठग ने महिला से यह राशि तीन से चार बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर खाते में डलवाई। महिला को शक हुआ, तब उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। उसके बाद मामला पुलिस में दर्ज कराया गया।
जानकारी के अनुसार साइबर ठग ने फेसबुक पर दोस्ती कर महिला सुमन भटनागर से इलाज और नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 18 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुमन भटनागर ने पुलिस को बताया कि एक मार्च 2025 को उनकी फेसबुक आईडी पर शिवम वीरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपित ठग ने अपनी मां के इलाज का बहाना बनाकर पहले महिला से 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए।
बिजली विभाग में नौकरी के नाम पर ठगे
उसके बाद अलग-अलग बहानों से लगातार रकम मंगाई जाती रही। साइबर ठग ने कभी मां के इलाज, कभी एक्सीडेंट तो कभी बहन की बीमारी का बहाना बनाकर महिला से पैसे लिए। अगस्त 2025 से महिला को बिजली विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया गया, जिसके बाद करीब साढ़े तीन लाख रुपये की बड़ी रकम उससे ठग ली गई। महिला को भरोसे में लेने के लिए आरोपित ने किसी टीना मैम नाम की महिला और किसी सर से भी उसकी बात कराई थी।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। महिला ने मोबाइल नंबर और लेनदेन के स्क्रीनशॉट के साथ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आमजन को सतर्क किया है कि इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से सतर्क रहें और किसी भी तरह के लालच में आकर पैसे न भेजें।