MP बोर्ड की मेरिट लिस्ट में देवास की तीन छात्राएं शामिल, एक के पिता करते हैं सिलाई, दूसरी के चलाते हैं किराना दुकान
माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित हुआ। रिजल्ट में देवास जिले की बेटियों ने एक बार फिर से नाम रोशन किया। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 01:20:38 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 01:20:38 PM (IST)
देवास की तीन बेटियां मध्य प्रदेश की मेरिट लिस्ट में शामिलHighLights
- देवास की तीन बेटियां प्रदेश की मेरिट में शामिल
- कक्षा दसवीं में अक्षरा को नौंवा व पलक को दसवां स्थान
- 12वीं में राशि ने हासिल किया सातवां स्थान
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित हुआ। परीक्षा परिणाम में जिले की बेटियों ने एक बार फिर से नाम रोशन किया। प्रदेश की मेरिट सूची में तीन छात्राओं ने स्थान प्राप्त किया है। इसमें कक्षा दसवीं की दो व 12वीं की एक छात्रा शामिल है। कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट विद्यालय देवास की वाणिज्य संकाय की छात्रा राशि माली ने 96.8% अंक प्राप्त करके सातवां स्थान प्राप्त किया।
वहीं कक्षा दसवीं में विजयागंज मंडी क्षेत्र के निजी स्कूल की छात्रा अक्षरा शिंदे ने 500 में से 491 अंक प्राप्त करके नौवा स्थान हासिल किया है। उत्कृष्ट विद्यालय देवास की दसवीं की छात्रा पलक नामदेव ने 500 में से 490 अंक प्राप्त करके प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। पलक को जैसे ही पता चला कि प्रदेश में दसवां स्थान मिला है तो खुशी से आंखें भर आईं।
15 किलोमीटर मैजिक वाहन, एक किमी पैदल चलकर रोज स्कूल पहुंचती थी राशि
कक्षा 12वीं में प्रदेश की मेरिट में सातवां स्थान प्राप्त करने वाली राशि मूल रूप से देवास के समीप भौंरासा नगर की रहने वाली है। वह प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर मैजिक वाहन से भौंरासा से देवास आती थी और फिर बस स्टैंड से पैदल लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचती थी।
राशि सीए बनाना चाहती हैं। उन्होंने ने कहा मोबाइल फोन का उपयोग पढ़ाई के लिए किया, कई टापिक इंटरनेट के माध्यम से समझे। राशि के पिता संजय माली किराना दुकान चलाते हैं।
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बिना कोचिंग के पलक ने पाई सफलता, बनना चाहती हैं आईएएस
शहर के अष्ट विनायक नगर में रहने वाली पलक साइकिल से स्कूल आती-जाती थीं। पलक ने बिना कोचिंग किए यह सफलता हासिल की है। वो घर पर लगभग चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं। पलक आईएएस बनना चाहती हैं, पढ़ाई के दौरान पलक ने मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया।
मनोरंजन के लिए माता-पिता के सामने कुछ देर के लिए रील देखती थीं। पलक के पिता शिवराज नामदेव टेलर हैं, एक निजी दुकान में कपड़े सिलते हैं।