एक चेहरे पर 84 सिम हुए जारी, एआइ आधारित फेशियल रिकग्निशन टूल से सामने आया डाटा, आरोपित गिरफ्तार
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन फेस के तहत देवास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 11:54:34 AM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 11:56:40 AM (IST)
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- नंबर अलग-अलग नाम एवं पते से सक्रिय किए गए
- फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ चलाए जा रहा ऑपरेशन फेस
- पुलिस ने बताया कई सिम कार्ड निष्क्रिय मिले हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन फेस के तहत देवास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गंधर्वपुरी निवासी आरोपित पर एक ही व्यक्ति के फोटो का उपयोग कर 84 सिम कार्ड जारी कराने का आरोप है।
खास बात यह है कि सभी सिम अलग-अलग पतों पर ली गईं, परंतु चेहरा एक ही रहा। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा दूरसंचार विभाग से प्राप्त फर्जी सिम धारकों के डाटा के आधार पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
नंबर अलग-अलग नाम एवं पते से सक्रिय किए गए
पुलिस के अनुसार दूरसंचार विभाग द्वारा वर्ष 2023 में एआइ आधारित फेशियल रिकग्निशन टूल (एएसटीआर) के माध्यम से फर्जी मोबाइल सिम धारकों का डाटा उपलब्ध कराया गया था। विश्लेषण में पाया गया कि एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर 50 से अधिक मोबाइल नंबर अलग-अलग नाम एवं पते से सक्रिय किए गए।
एक ही व्यक्ति के चेहरे पर 84 सिम एक्टिवेट किए गए
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदत्त डाटा के अनुसार वर्ष 2020 से 2022 के मध्य एक ही व्यक्ति के चेहरे पर कुल 84 सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए। इनमें से अधिकांश सिम अन्य व्यक्तियों के नाम पर संचालित पाए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपित अबरार उर्फ अरबाज उर्फ अब्दुल निवासी गंधर्वपुरी, थाना सोनकच्छ ने ऑड सिम कार्ड स्वयं सत्यापित कर जारी कराए, जिनमें उसकी फोटो लगी थी, जबकि आठ सिम कार्ड एजेंट के माध्यम से जारी हुए, जिनमें भी उसी के फोटो का उपयोग किया गया।