
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। शहर के विकास कार्यों के लिए नगर निगम के पास फंड की कमी है, लेकिन जब बात घूमने-फिरने की हो तो सब ठीक है। सड़कों की बदहाली हो या नागरिकों की समस्या, ठेकेदारों का भुगतान हो या विकास के अन्य कार्य, सालों से यही कहा जा रहा कि मप्र की नगर निगमों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है।
यह बात इसलिए उठी क्योंकि अब निगम का दल भ्रमण के लिए जाने वाला है, जिसका खर्च निगम ही वहन करेगा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब घूमने के लिए निगम के पास, सरकार के पास फंड है तो समस्याओं को हल करने के लिए फंड की कमी क्यों हो जाती है।
दरअसल, गुरुवार को एमआइसी की बैठक हुई। इसमें कई प्रस्तावों के साथ निगम के भ्रमण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल अपनी टीम व पार्षदों के साथ हरिद्वार नगर निगम के भ्रमण पर जाएंगी। बताया जा रहा है कि परस्पर विरोध करने वाले भाजपा व कांग्रेस के पार्षद इस निर्णय में साथ हैं। वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि ने कहा है कि उनकी पत्नी नहीं जाएंगी। इधर, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने साफ कर दिया है कि प्रतिनिधि अगर जाएंगे तो खुद के खर्च से जाना होगा। नगर निगम उनका खर्च वहन नहीं करेगा।
निगम के भ्रमण को लेकर किसी को आपत्ति नहीं, क्योंकि पिछले साल भी लाव-लश्कर के साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मथुरा गए थे। स्मार्ट सिटी विजिट नाम दिया था। वहां से क्या सीखा और देवास में क्या नवाचार किया, यह किसी को नहीं पता। इसीलिए इस बार लोग सवाल उठा रहे और इंटरनेट मीडिया पर बहस भी छिड़ी। इसकी वजह यह है कि शहर में इन दिनों समस्याओं का शोर है। एमजी रोड बदहाल है। धूल से व्यापारी और नागरिक जूझ रहे। वर्षाकाल आने वाला है और काम अभी भी सुस्त गति से चल रहा। पेयजल संकट की आहट भी हो रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद आगाह कर चुके कि अनावश्यक यात्राओं को टालें, ईंधन की बचत करें लेकिन देवास के जनप्रतिनिधियों को मोदीजी की बातों से कोई मतलब नहीं।
इस बार नगर निगम का यह भ्रमण हरिद्वार का रहेगा। साथ ही समीप के अन्य स्थलों पर भी टीम जा सकती है। 29 मई को निकलना तय था, लेकिन बाद में ख्याल आया कि प्रधानमंत्री ने मना किया है कि वाहनों का कम उपयोग करें। इसके बाद अपनी जिम्मेदारी याद आई और तारीख आगे बढ़ा दी क्योंकि अब ट्रेन से जाएंगे और टिकट होने में समय लगेगा।
इस बार की निगम की यात्रा पिछली बार की यात्रा जैसी नहीं रहेगी। सूत्रों के मुताबिक नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने साफ कर दिया है कि निगम की टीम में पार्षद ही जा सकेंगे। अगर प्रतिनिधि को जाना है तो उसका खर्च स्वयं वहन करना होगा। यात्रा ट्रेन से ही होगी। निगम प्रशासन ने हरिद्वार नगर निगम में पत्राचार भी किया है। वहां रूकने सहित अन्य जो खर्च नियम में है, उसी को निगम वहन करेगा। इसके अलावा यदि कोई खर्च होता है तो संबंधित व्यक्ति को वहन करना पड़ेगा।
महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि यह शासन के नियमों की रूटीन प्रक्रिया है। जिस तरह विधायकों व सांसदों का दल भ्रमण के लिए जाता है, वैसी ही प्रक्रिया महापौर व दल की है। अन्य नगर निगमों का कामकाज देखने जाते हैं। इसके लिए बजट में प्रविधान है। शासन से स्वीकृति मिलती है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों से नहीं जाएंगे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही यात्रा रहेगी। तारीख अभी तय नहीं हुई है।
भाजपा पार्षद निधि प्रवीण वर्मा यात्रा में नहीं जाएंगे। प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा ने कहा कि 14 अप्रैल को मेरे वार्ड में आंबेडकर उद्यान में कार्यक्रम था। निगम ने टैंट और साउंड नहीं भेजे। कहा गया कि फंड नहीं है। जब टैंट और साउंड के लिए ही फंड नहीं है तो यात्रा के लिए फंड कैसे हो सकता है। इसलिए हम नहीं जाएंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है कि कौन सा दल कहां जा रहा। महापौर व संबंधितों से बात करके जवाब लूंगा।