
नईदुनिया न्यूज, देवास। पिछले करीब पांच महीनों से राशन ना मिलने से नाराज समीपस्थ ग्राम राजौर के ग्रामीणों ने सोमवार को खातेगांव मेंं पुलिस थाने के सामने रास्ता जाम कर दिया। एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डीलर के खिलाफ एफआईआर की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दो दिनों में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया।
डीलर द्वारा की जा रही मनमानी व राशन वितरण नहीं होने से नाराज ग्रामीण सोमवार को ज्ञापन देने एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां काफी समय इंतजार करने के बाद जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला तो स्थानीय विधायक एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग बस स्टैंड पहुंचे।
थाने के सामने इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद थाना प्रभारी विजय सिंह लोधी मौके पर पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों को समझाया लेकिन ग्रामीण जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे।
कुछ देर बाद एसडीएम प्रवीण प्रजापति मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा ओर अपनी समस्या सुनाई। ज्ञापन देते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष आशाराम भावसार ने अधिकारियों को बताया कि ग्राम राजौर में एक महिला द्वारा ग्रामीणों एवं आंनगबाड़ी में राशन वितरण करने हेतु दुकान ली गई है।
शुरू के कुछ महीनों तक तो ठीक तरीके से राशन वितरण किया गया लेकिन पिछले पांच महीनों से राशन वितरण नहीं किया गया। जब उन्हें बोलते हैं तो आनाकानी की जाती है, ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।
इसकी शिकायत कई बार खाद्य विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र शर्मा को की गई लेकिन उनके द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। करीब पांच महीनों से पात्र हितग्राहियों को राशन नहीं मिला है।
मजबूरी में गरीब परिवार बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीद रहे हैं। ग्रामीणों ने डीलर पर राशन वितरण में गड़बड़ी, फर्जी अंगूठे लगाकर गबन और अधिकारियों की लापरवाही के आरोप लगाए।
एसडीएम प्रजापति ने ग्रामीणों को दो दिनों में जांच कर कार्यवाही करने का लिखित आश्वासन दिया। एसडीएम ने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर राजौर के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।