21 घंटे बाद भी धधक रही देवास में पेपर फैक्ट्री, 100 से अधिक टैंकर पानी डालने के बाद भी पूरी तरह नहीं बुझी आग
इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्रीनिवास पेपर एंड बोर्ड फैक्ट्री में शनिवार शाम करीब चार बजे लगी भीषण आग 21 घंटे बाद भी काबू में नहीं आ सकी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 03 May 2026 02:30:42 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 02:30:42 PM (IST)
देवास की पेपर फैक्ट्री में शनिवार शाम को लगी आग रविवार दोपहर तक भी नहीं बुझ सकी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं
- पोकलेन की मदद से खुदाई कर प्रभावित हिस्से को अलग किया गया, ताकि आग और अधिक न फैले
- सोनकच्छ, टोंकखुर्द, आष्टा, सीहोर, उज्जैन और इंदौर से भी दमकल वाहन पहुंचे
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्रीनिवास पेपर एंड बोर्ड फैक्ट्री में शनिवार शाम करीब चार बजे लगी भीषण आग 21 घंटे बाद भी पूरी तरह से काबू में नहीं आ सकी है। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और अब तक 100 से अधिक टैंकर पानी डाला जा चुका है।
रात के दौरान आग को फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए पोकलेन मशीन की मदद से खुदाई कर प्रभावित हिस्से को अलग किया गया। मौके पर देवास नगर निगम, बीएनपी सहित आसपास के उद्योगों की फायर ब्रिगेड के साथ सोनकच्छ, टोंकखुर्द, आष्टा, सीहोर, उज्जैन और इंदौर से भी दमकल वाहन पहुंचे।
फायर कर्मियों के अनुसार अब आग सीमित क्षेत्र में सिमट गई है, लेकिन वहां से लगातार घना धुआं निकल रहा है, जिससे आसपास का क्षेत्र प्रभावित है। आग के कारण पास की पाइप कटिंग इंडस्ट्री में भी शनिवार से काम बंद है। पूरे प्लांट में धुआं और राख भर जाने से कर्मचारियों को अवकाश देना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी और समय लग सकता है।
100 मीटर के दायरे में भड़कती रही आग
इंदौर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र क्रमांक 1 में श्रीनिवास बोर्ड एंड पेपर्स फैक्ट्री के परिसर में शनिवार शाम अचानक आग लग गई थी। यहां पुराने कागजों को रिसाइकल कर पेपर रोल बनाने का काम किया जाता है। पुराने पेपर के कंप्रेस्ड बंडलों तक पहुंची आग देखते ही देखते विकराल हो गई। लगभग 100 मीटर के दायरे में आग भड़कती रही। सूचना मिलने पर नगर निगम, टाटा, आयशर, सीआइएसएफ बीएनपी की दकमलें मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
सूचना मिलते ही नगर निगम के 4 फायर टैंडर और कई टैंकर मौके पर पहुंचे। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र की वाल्वो आयशर, टाटा इंटरनेशनल की दमकल भी मौके पर पहुंची। आग इतनी भीषण थी कि दमकल द्वारा चारों ओर से डाला जा रहा पानी भी बेअसर साबित हो रहा था। फायर ब्रिगेड की लगभग 16 गाड़ियों के अलावा टैंकरों से कई बार पानी लाया गया। आसपास के बोरवेल से भी पानी का छिड़काव लगातार किया गया। बावजूद इसके आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। घटनास्थल पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, तहसीलदार सपना शर्मा, सीएसपी सुमित अग्रवाल, औद्योगिक क्षेत्र टीआइ शशिकांत चौरसिया, यातायात टीआइ पवन बागड़ी सहित पुलिसबल व प्रशासन का अमला भी मौजूद रहा।
बड़ी मात्रा में जमा था स्क्रैप कागज
बताया जा रहा है कि कंपनी में पुराने व स्क्रैप कागजों को प्रोसेस कर नए पेपर रोल व बाक्स तैयार किए जाते हैं। यहां पुराने गत्ते के बक्सों व रद्दी को कंप्रेस कर बड़े-बड़े बंडल के रूप में रखा गया था। आग रेलवे लाइन की ओर कंपनी के पिछले हिस्से से शुरू हुई और आगे की ओर बढ़ी। फायर ब्रिगेड कर्मचारी लगातार पानी का छिड़काव कर रहे थे, परन्तु बड़ी मात्रा में गत्ते के बंडल नीचे से फिर भभक रहे थे।
जेसीबी, लोडर से हटाया कच्चा माल
आग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वहां भारी मात्रा में जमा कंप्रेस्ड पेपर बंडल व स्क्रैप कागजों को तेजी से हटाने का काम किया गया। हालांकि बड़ी मात्रा में माल होने के कारण घंटों की मशक्कत करना पड़ी। इस दौरान दो जेसीबी व चार लोडर लगातार कच्चा माल आग की ओर से अलग हटाते रहे। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि आग के कारणों व नुकसानी का फिलहाल आंकलन नहीं किया जा सका है।