'मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा...', MP में सागौन तस्करी के आरोपी की संदिग्ध मौत, परिवार ने वनकर्मियों पर लगाया मारपीट का आरोप
पुंजापुरा के जिनवानी रेंज में वन विभाग ने सागौन तस्करी के आरोपी वाहन चालक अंकित जामोद को पकड़ा। संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर चोटों के बाद उसकी मौत ह ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 04:35:00 AM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 07:13:09 AM (IST)
पुंजापुरा में वन विभाग कार्रवाई में पकड़ा गए वाहन चालक का अस्पताल में निधन (AI Generated Image)HighLights
- परिवार ने वनकर्मियों पर बेरहमी से मारपीट का आरोप
- कांटाफोड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की
- एसडीओ का कहना, आरोपी भागते समय चोटिल हुआ
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास: पुंजापुरा के जिनवानी रेंज में 13 जनवरी को हुई वन विभाग की कार्रवाई में पकड़े गए वाहन चालक अंकित जामोद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने विवाद खड़ा कर दिया है। परिवार का आरोप है कि वनकर्मियों ने मारपीट की, जिससे गंभीर चोटें आईं। मृतक का अंतिम संस्कार पुलिस अभिरक्षा में हुआ। एसडीओ और वन विभाग का कहना है कि आरोपी भागते समय चोटिल हुआ और इलाज के बाद मुचलके पर छोड़ा गया।
वन विभाग की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी की रात जिनवानी रेंज में उप वनमंडलाधिकारी (बागली) अंकित जामोद के निर्देशन में रेंज ऑफिसर तनय कुलश्रेष्ठ की टीम ने सिंगोड़ी-कांटाफोड़ मार्ग पर दबिश दी। पिकअप वाहन से 11 नग सागौन लठ्ठे जब्त किए गए और चालक अंकित पुत्र बलराम उईके को हिरासत में लिया गया।
गंभीर चोटें और अस्पताल में इलाज
अंकित को कार्रवाई के बाद कांटाफोड़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार ने बताया कि उसकी पीठ पर सात टांके लगे थे और कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया था। इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी और उसे इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया।
'मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा'
मृतक की मां सुभद्रा बाई ने बताया कि मेरे बेटे की पीठ पर सात टांके आए थे। उसने खुद कहा था कि वन विभाग वालों ने बहुत मारा। मार इतनी थी कि कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया, पैर ने काम करना बंद कर दिया। मृतक की मां सुभद्रा बाई ने आरोप लगाया कि वन विभाग वालों ने बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
कांटाफोड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है। एसडीओ अंकित जामोद का कहना है कि आरोपी भागते समय चोटिल हुआ और विभाग ने उसका इलाज कराया, फिर मुचलके पर छोड़ दिया। बाद में मृतक की मौत हुई, जिसका विवरण विभाग के पास नहीं है।
अंतिम संस्कार
मृतक का अंतिम संस्कार लोहारदा में पुलिस अभिरक्षा में किया गया। जांच के दौरान यह भी चर्चा में है कि अन्य आरोपी जिन्हें कार्रवाई में शामिल बताया गया, उन्हें छोड़ा गया।