
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। शहर में इन दिनों चारों तरफ खोदाई चल रही। निर्माण कार्य के चलते उज्जैन रोड की हालत खराब है तो चंदाना मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। यही हाल एमजी रोड का है, जहां चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। इस खोदाई के चलते मंगलवार को उस समय अप्रिय स्थिति बनी जब स्कूटर सवार दो लड़कियां गड्ढे में गिर गई। समय रहते दोनों को वाहन सहित आसपास के लोगों ने सुरक्षित निकाला। बाद में नगर निगम की टीम ने गड्ढे का भराव किया।
दरअसल, एमजी रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत नाला निर्माण कार्य चल रहा है। सीवरेज का काम भी हो रहा। सयाजी गेट से जनता बैंक चौराहे तक यह काम होना है। नाला निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और सीवरेज के काम भी गति आई है। इसी कड़ी में सुतार बाखल क्षेत्र में नाला निर्माण के लिए खोदाई की गई थी। खोदाई का काम पूरा हो गया था और पाइप डालकर इसका डायवर्जन किया गया था। ऊपर से मिट्टी डाली गई। कुछ दिनों में यह काम पूरा होना था।
मंगलवार दोपहर को तेज वर्षा हुई। झमाझम वर्षा के चलते पूरे मार्ग में पानी भर गया। जहां-जहां खोदाई थी, वहां ज्यादा परेशानी हुई। उक्त नाले के ऊपर भी मिट्टी भी बह गई। इसी दौरान यहां से स्कूटर से गुजर रहीं दो लड़कियां इसमें गिर गईं। सड़क पर पानी बहने के कारण उनको समझ नहीं आया कि यहां नाला है या सड़क। उक्त गड्ढा लगभग दो से तीन फीट गहरा था। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े। पहले बालिकाओं को सकुशल बाहर निकाला। इसके बाद स्कूटर को निकाला। इसी बीच यहां भराव करने के लिए पहुंचा ट्रैक्टर भी मलबे के कीचड़ में फंस गया।
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से बहुप्रसारित हुआ। कई लोगों ने निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए। कहा गया कि महापौर का यह ड्रीम प्रोजेक्ट आखिर कब पूरा होगा। खोदाई के कारण मार्ग में निकलना मुश्किल है। जहां-जहां गहरी खोदाई की गई है, उन स्थानों के आसपास बैरिकेट्स लगाने की जरूरत है अन्यथा तेज वर्षा के कारण हादसा हो सकता है। कई बार गड्ढे की गहराई को वाहन चालक भांप नहीं पाते। पानी बहने के कारण पता ही नहीं चलता कि सामने गड्ढा है या समतल सड़क। मंगलवार को भी इसी वजह से घटना हुई।
मटेरियल डलवाकर करवाया बंद-आयुक्त नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने बताया कि जिस जगह घटना हुई है, वहां नाला निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रोड वाली जगह पर पाइप डालकर टेंपररी डायवर्जन किया गया था। चूंकि वह चौराहे की जगह है, इस कारण मोड़ होने के कारण दिख नहीं सका। वर्षा अधिक होने से यह स्थिति बनी। किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। लड़कियों को सकुशल निकाल लिया गया।
घटना के बाद उक्त स्थान पर मटेरियल डलवाकर बंद करवा दिया है। ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि जहां भी इस तरह की स्थिति है, वहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। जितना काम हो, उतनी ही खोदाई कर उसे पूरा करें।
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बैरिकेट्स लगाने के निर्देश-महापौर महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि तीन बत्ती चौराहे से होने वाला यह नाला था, जिसका काम बंद था। जलजमाव के कारण बालिकाओं को नाला नहीं दिखा और घटना हुई। घटना के तुरंत बाद निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां एेसी स्थिति है वहां बैरिकेटिंग की जाए।
एक जगह की घटना सामने आ गई, लेकिन अन्य जगहों पर भी सतर्कता की जरूरत है। निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर आयुक्त के साथ बैठक करूंगी। मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि जितने हिस्से की खोदाई की गई है, उसको समेटा जाए। नई खोदाई न करें।