
नईदुनिया न्यूज, धामनोद (धार)। धामनोद-महेश्वर-बड़वाह मार्ग पर गुरुवार सुबह वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कारम नदी पर बने पुराने पुल पर सीमेंट से भरा ट्राला अचानक खराब हो गया, जिससे पूरा रास्ता बंद हो गया। सुबह करीब चार बजे शुरू हुई परेशानी दोपहर तक बनी रही।
इस तरह से करीब आठ घंटे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही और लोग भीषण गर्मी में जाम में फंसे रहे। घटना के दौरान लंबे समय तक मौके पर स्थिति नियंत्रित करने कोई नहीं आया। इससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि इतनी महत्वपूर्ण सड़क पर जाम हटाने के लिए तुरंत इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दी। दोपहर करीब 12 बजे दूसरे ट्राले की मदद से खराब वाहन को पुल से हटाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
गुजरात से मंडलेश्वर की ओर जा रहा ट्राला दहिवर के पास पुराने संकरे पुल पर खराब हो गया। पुल पहले से ही इतना संकरा है कि एक बड़ा वाहन रुकते ही दोनों तरफ का यातायात प्रभावित हो जाता है। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम में सबसे ज्यादा परेशानी महेश्वर और ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं को हुई। कई यात्री बसें, निजी वाहन और मालवाहक वाहन घंटों तक सड़क पर खड़ी रहीं।
गर्मी के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब होती नजर आई। कई लोग वाहन छोड़कर छांव तलाशते दिखाई दिए। घंटों तक रास्ता बंद रहने के बाद वहां के ग्रामीणों और भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष दिनेश पटेल ने मोर्चा संभाला। ग्रामीणों की मदद से छोटे वाहनों और यात्री बसों को मांगबयड़ा के वैकल्पिक रास्ते से निकाला गया। ओंकारेश्वर नहर मार्ग के जरिए लोगों को दूसरे रास्ते से भेजा गया, तब जाकर कुछ राहत मिल सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि कारम नदी का ये पुल लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। पुल पुराना और बेहद संकरा है, जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती रहती है। क्षेत्र दो जिलों की सीमा पर होने से भी व्यवस्थाओं में समन्वय की कमी दिखाई देती है। पुल का एक हिस्सा धार जिले में आता है, जबकि कुछ दूरी बाद ही खरगोन जिले की सीमा शुरू हो जाती है। दो जिलों को जोड़ने वाले इस पुल को बेहतर करने की जरूरत है।
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