भोजशाला में तीसरी बार जुमे की नमाज, अंदर गूंजा हनुमान चालीसा; रास्ते पर विवाद भी सामने आया
धार की भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत तीसरी बार नमाज पढ़ी गई। अंदर हिंदू पक्ष ने हनुमान चालीसा पाठ किया। दोनों आयोजन शांतिपूर्ण र...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 06:58:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 07:02:13 PM (IST)
भोजशाला में तीसरी बार जुमे की नमाज। (फाइल फोटो)HighLights
- भोजशाला के पीछे खसरा 612 में तीसरी बार नमाज पढ़ी।
- हिंदू पक्ष ने भोजशाला में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
- हिंदू पक्ष ने 45 मिनट रास्ता बाधित होने आरोप लगाया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। ऐतिहासिक भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के अनुरूप तीसरी बार भी जुमे की नमाज भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 की भूमि पर पढ़ी गई। इधर भोजशाला के भीतर हिंदू समाज के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। दोनों आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुए। अलबत्ता हिंदू पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि भोजशाला का रास्ता 45 मिनट तक बाधित रखा गया, इससे कई श्रद्धालु दर्शन करने से वंचित हुए। जबकि प्रशासन ने आरोप को नकार दिया है।
आवागमन नहीं रोका, पुलिस बल रहा तैनात
एसडीएम राजकुमार हलदर ने कहा कि किसी का आवागमन नहीं रोका गया। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के अनुरूप ही व्यवस्थाएं की हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भोजशाला और नमाज स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अलग मार्ग की मांग और विवाद की आशंका
- नमाज के बाद नमाजी लक्कड़पीठा क्षेत्र के प्रवेश द्वार से कमाल मौलाना दरगाह पहुंचे। इस पर भोज उत्सव समिति के जिला मंत्री सुमित चौधरी ने आरोप लगाया कि नमाजियों के दरगाह जाने के दौरान भोजशाला के आवागमन मार्ग को अवरुद्ध रखा गया।
- चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में मंदिर और मस्जिद पक्ष के लिए आवागमन के अलग-अलग मार्ग रखने की बात है, लेकिन मौके पर एक ही मार्ग से आवाजाही होने के कारण दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की स्थिति बन सकती है। इससे विवाद की आशंका रहती है।
उन्होंने प्रशासन से नमाजियों के लिए अलग मार्ग से आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की। कहा कि यदि रास्ता रोकने के संबंध में कोई न्यायालयीन आदेश है, तो इसकी जानकारी मंदिर पक्ष को भी दी जानी चाहिए। मस्जिद पक्ष ने धरना स्थगित किया
- कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद ने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत तीसरे शुक्रवार को भी खसरा नंबर 612 पर शांतिपूर्वक नमाज पढ़ी गई। इसके बाद नमाजी कमाल मौलाना दरगाह में जियारत के लिए पहुंचे। पूर्व में दरगाह के अंदर कुछ लोगों के जाने और वहां से चादरें हटाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कार्रवाई की मांग की।
- उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को साक्ष्यों के साथ आवेदन दिया गया है। उक्त मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हमने जो प्रस्तावित धरना रखा था, उसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि प्रशासन ने एक सप्ताह का समय दिया है।
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