

नईदुनिया प्रतिनिधि,धार। श्रावण आते ही गंगा महादेव मंदिर में आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर प्राचीन गंगा महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों और हरियाली के बीच 51 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ यहां पहुंचे।
किसी ने मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए तो कोई झरने और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को निहारता नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी थीं। देखते ही देखते सुल्तानपुर से गंगा महादेव तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क पर जाम के कारण कई लोगों को काफी देर तक अपने वाहनों में ही इंतजार करना पड़ा।
भीड़ बढ़ने के बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात जिम्मेदारों की मौजूदगी भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े।
खूबसूरती बेमिसाल,व्यवस्थाएं बेहाल
गंगा महादेव की सबसे बड़ी खासियत यहां का प्राकृतिक सौंदर्य है। श्रावण में वर्षा के बाद पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और झरने का पानी तेज बहाव के साथ नीचे गिरता है। 51 फीट ऊंचाई से गिरते पानी का नजारा लोगों को बरबस रोक लेता है। इसी खूबसूरती के कारण धार्मिक स्थल के साथ यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रुप में भी पहचान बना रहा है।
लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं की कमी साफ नजर आ रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, इसके बावजूद यातायात और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। जाम के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और परिवार के साथ आने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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आस्था के साथ पर्यटन का भी बढ़ रहा आकर्षण
श्रावण में गंगा महादेव का नजारा अलग ही रुप ले लेता है। मंदिर में शिवभक्तों की कतार और आसपास बहते झरने के कारण पूरा क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बन जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि यहां यातायात, पार्किंग और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाए तो गंगा महादेव धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।
रविवार की भीड़ ने साफ संकेत दे दिया कि आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में व्यवस्था संभालने वाले विभागों के सामने अब भीड़ के साथ बढ़ती चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी है।