• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

धार में 19 दिन से एक ही स्थान पर डटी नागिन, ग्रामीण कर रहे थे पूजा-अर्चना, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू

गंधवानी नगर से करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राम साली में पिछले 19 दिनों से एक ही स्थान पर जमी हुई नागिन को आखिरकार बुधवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू क...और पढ़ें

By Rais MohammadEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 27 Aug 2026 05:24:56 PM (IST)Updated Date: Thu, 27 Aug 2026 05:24:56 PM (IST)
धार में 19 दिन से एक ही स्थान पर डटी नागिन, ग्रामीण कर रहे थे पूजा-अर्चना, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
ग्राम साली में नागिन का रेस्क्यू करते वन विभाग के कर्मचारी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. प्रशासन की समझाइश के बाद वन विभाग ने संभाला मोर्चा
  2. आस्था के चलते ग्रामीणों ने नागिन को घेरकर शुरू कर दी थी पूजा-अर्चना
  3. नागिन को आखिरकार बुधवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया

नईदुनिया न्यूज, गंधवानी (धार) : गंधवानी नगर से करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राम साली में पिछले 19 दिनों से एक ही स्थान पर जमी हुई नागिन को आखिरकार बुधवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। नागिन को लेकर ग्रामीणों में आस्था का माहौल बना हुआ था।

ग्रामीणों ने नागिन के चारों ओर बांस-बल्ली की घेराबंदी कर उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग नागिन को देखने पहुंच रहे थे और उसे दूध, कंकू, हल्दी, हार-फूल व मालाएं चढ़ाई जा रही थीं। यहां तक कि मौके पर दान पेटी भी रख दी गई थी।


करीब आठ दिन पहले वन विभाग के दो-चार अधिकारी-कर्मचारी नागिन को रेस्क्यू करने के लिए ग्राम साली पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों की आस्था और विरोध के चलते टीम को बिना रेस्क्यू किए वापस लौटना पड़ा था। इसके बाद भी नागिन उसी स्थान पर बनी रही। लगातार कई दिनों तक एक ही जगह रहने के कारण उसकी गतिविधियां कम होने लगीं और वह सुस्त नजर आने लगी थी। इसके बावजूद ग्रामीण उसे वहां से हटाने के लिए तैयार नहीं थे।

दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाती रही संयुक्त टीम

बुधवार को वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम दल-बल के साथ ग्राम साली पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें नागिन को खुले में छोड़ने और उसके प्राकृतिक आवास में जाने देने के लिए समझाइश दी। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों से बातचीत का दौर चला।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को समझाया गया कि वन्यप्राणी को इस तरह कैद या घेरकर रखना उसके स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरा बन सकता है। यदि नागिन किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाती है अथवा उसकी मृत्यु हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस सवाल पर कोई भी ग्रामीण जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया। इसके बाद ग्रामीणों को समझाने में प्रशासन को सफलता मिली और वन विभाग की टीम ने नागिन का रेस्क्यू किया।

वन विभाग ने कहा- आस्था अलग, कानून अलग

वन विभाग के बाग अधिकारी आरओ कनौज ने बताया कि नागिन का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कानून किसी भी वन्यप्राणी को कैद में रखने की अनुमति नहीं देता और वन्यप्राणी को स्वतंत्र रूप से रहने का अधिकार है। ग्रामीणों की आस्था अपनी जगह है, लेकिन वन्यप्राणियों के संरक्षण से जुड़े कानून अपनी जगह हैं।

रेस्क्यू के बाद नागिन का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है। उसकी स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। रेस्क्यू कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार धूलिया पालिया, टीआइ प्रदीप खन्ना सहित वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- नागदेवता के दर्शन कर रही महिला को सांप ने डसा, अस्पताल में भर्ती, सपेरे को पकड़कर ले गई पुलिस