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धार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर लापरवाही : एक्सपायरी आईवी सेट से चार गर्भवती महिलाओं को चढ़ाई बोतल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निसरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को गर्भवती महिलाओं क...और पढ़ें

By Rais MohammadEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 04:23:51 PM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 04:28:16 PM (IST)
धार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर लापरवाही : एक्सपायरी आईवी सेट से चार गर्भवती महिलाओं को चढ़ाई बोतल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महिला वार्ड में रखी हुई एक्सपायर आईवी। नईदुनिया

HighLights

  1. निसरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मचा हड़कंप
  2. मई 2026 में एक्सपायर हो चुकी आईवी का इस्तेमाल
  3. खबर लगते ही स्वास्थ्यकर्मी सामग्री समेटकर ले गए

नईदुनिया न्यूज, निसरपुर/ सुसारी (धार) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निसरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को गर्भवती महिलाओं के लिए आयोजित जांच शिविर के दौरान अस्पताल में मरीजों को लगाई जा रही बोतलों में ऐसी आईवी का इस्तेमाल सामने आया, जिसकी एक्सपायरी मई 2026 में ही हो चुकी थी। सुबह 11 बजे तक ऐसी एक्सपायरी आईवी से चार गर्भवती महिलाओं को बोतल चढ़ाई जा चुकी थी।

नईदुनिया की टीम बुधवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य भर्ती मरीजों को भी बोतल चढ़ाई जा रही थी। इन बोतलों में इस्तेमाल की जा रही आईवी पर निर्माण की तारीख जून 2023 और एक्सपायरी मई 2026 अंकित थी यानी एक्सपायरी के करीब चार महीने बाद भी इसका इस्तेमाल मरीजों के उपचार में किया जा रहा था।


पूछताछ होते ही सामग्री समेटने लगे कर्मचारी

मौके पर करीब दो थैलियां भरी हुई आईवी तथा बड़ी संख्या में अन्य एक्सपायरी आईवी रखी हुई दिखाई दीं। जब मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से एक्सपायरी आइवी के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया तो कुछ ही देर में कर्मचारी इन्हें समेटते नजर आए। बताया गया कि सामग्री को थैलियों में भरकर वहां से बाहर ले जाया गया। इससे अस्पताल में दवाइयों और चिकित्सा सामग्री के रखरखाव तथा नियमित जांच की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

कई दिनों से इस्तेमाल का दावा

मौके पर मिली जानकारी के अनुसार एक्सपायरी आईवी का इस्तेमाल बुधवार से ही नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से किया जा रहा था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक कितने मरीजों को एक्सपायरी आईवी लगाई जा चुकी है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इसके इस्तेमाल के बाद किसी मरीज को संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या तो नहीं हुई।

हर 8-10 दिन में निरीक्षण का दावा, फिर कैसे छूटी एक्सपायरी सामग्री?

स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों का नियमित निरीक्षण किए जाने की बात कही जाती है। कई बार यह भी बताया जाता है कि अस्पताल में करीब 8-10 दिन के अंतराल में दवाइयों और उपकरणों की जांच की जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि मई 2026 में एक्सपायर हो चुकी आईवी कई दिनों तक अस्पताल में मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होती रही और नियमित निरीक्षण में यह मामला पकड़ में क्यों नहीं आया?

क्या है आइवी और क्यों जरूरी है सावधानी?

अस्पतालों में मरीज को बोतल या दवा चढ़ाने के लिए जिस प्लास्टिक की नली और उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है, उसे आमतौर पर आइवी सेट कहा जाता है। इसी माध्यम से दवा या तरल मरीज के शरीर तक पहुंचता है। इसलिए इसकी गुणवत्ता और एक्सपायरी की जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक्सपायरी चिकित्सा सामग्री के इस्तेमाल से संक्रमण सहित अन्य जटिलताओं का जोखिम हो सकता है। हालांकि इस मामले में मरीजों को वास्तव में किसी तरह का संक्रमण हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

निसरपुर बीएमओ डा. जितेंद्र दूधी से सीधी बात

सवाल: अस्पताल की दवाइयों और उपकरणों का निरीक्षण कब किया जाता है?

जवाब: सप्ताह में एक दिन मेरे द्वारा निरीक्षण किया जाता है।

सवाल: क्या एक्सपायरी हो चुकी दवाई या किसी उपकरण का इस्तेमाल होना चाहिए?

जवाब: नहीं होना चाहिए। इस बात का ध्यान रखा जाता है।

सवाल: आज अस्पताल में जो गर्भवती महिलाओं को बोतल चढ़ाई गई, उसमें जिस आईवी का इस्तेमाल हुआ, वह एक्सपायरी है?

जवाब: मेडिकल दवाइयां और आईवी जिला स्तर से आती हैं। मैं मेडिकल स्टोर इंचार्ज से पूछता हूं।

सवाल: आपने कहा कि आप भी निरीक्षण करते हैं, तो यह एक्सपायरी आईवी कैसे इस्तेमाल हुई?

जवाब : आप थोड़ा समय दीजिए, मैं दवाई इंचार्ज से पूछकर बताता हूं।

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