

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। धार जिले के सरदारपुर थाने की रिंगनोद पुलिस चौकी के ग्राम रतनपुरा में झाड़-फूंक और इलाज के नाम पर 19 वर्षीय कक्षा बारहवीं की एक छात्रा के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि रतनपुरा गांव का एक व्यक्ति, जो झाड़-फूंक कर इलाज करने का दावा करता था, युवती को बीमारी ठीक करने के नाम पर अकेले बुलाता और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। विरोध करने पर उसे जान से खत्म करने की धमकी भी दी जाती थी।
युवती के अनुसार, वह गर्भवती हो गई तो आरोपित ने उसके बढ़ते पेट को भी ‘भूतबाधा’ बताकर गुमराह किया और कई महीनों तक उसके साथ कथित रुप से दुष्कर्म करता रहा। पुलिस ने उक्त मामले में आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है, जो फरार है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब अाठ अगस्त को युवती ने घर पर ही एक बच्ची को जन्म दिया।
प्रसव के बाद उसने अपनी दादी को पूरी घटना बताई। प्रारंभ में सामाजिक बदनामी के डर से परिवार ने मामला छिपाए रखा, लेकिन 12 अगस्त को उक्त नवजात को तांत्रिक बाबा मारने के लिए ले जा रहा था, इस दौरान किसी लोगों ने देख लिया तो पूरे मामले की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और नवजात को अपने कब्जे में लिया गया, तब तक आरोपित तांत्रिक बाबा फरार हो गया था।
पुलिस के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले युवती की तबीयत खराब रहती थी और उसके हाथ-पैर में दर्द होता था। उसकी मां उसे रतनपुरा निवासी तांत्रिक बाबा नानूराम कटारा के पास ले गई थी। बताया गया कि नानूराम झाड़-फूंक के माध्यम से इलाज करता था। उसने युवती को रोज इलाज के लिए आने को कहा।
युवती के अनुसार, शुरुआत में वह कभी अकेले तो कभी अपनी मां के साथ वहां जाती थी। बाद में उसके माता-पिता मजदूरी के लिए गुजरात चले गए। इसके बाद आरोपित उसे अकेले बुलाने लगा। युवती का आरोप है कि इलाज के नाम पर आरोपित ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से खत्म करने की धमकी दी।
युवती के अनुसार, दुष्कर्म के कारण वह गर्भवती हो गई। कुछ महीनों बाद जब उसका पेट बढ़ने लगा और उसे दर्द होने लगा तो उसने आरोपी से इसका कारण पूछा। आरोप है कि नानूराम ने उसे यह कहकर गुमराह किया कि उसे ‘भूतबाधा’ है और वह उसे ठीक कर देगा। युवती के अनुसार, इसी बहाने वह लंबे समय तक उसके साथ कथित रुप से गलत काम करता रहा।
8 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे युवती रतनपुरा स्थित अपनी दादी के घर पर थी। पेट में तेज दर्द होने पर उसने दादी को इसकी जानकारी दी। इसी दौरान घर पर ही उसका प्रसव हो गया और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। स्वजन के अनुसार, नवजात के चेहरे, शरीर और हाथ-पैर पर चोट आई थी। बच्ची को उपचार के लिए सरदारपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसका उपचार जारी है। फिलहाल बच्ची संक्रमण की चपेट में होना बताया जा रहा है और हालत गंभीर है।
प्रसव के बाद युवती ने अपनी दादी को पूरी घटना बताई। युवती और उसकी दादी को आशंका थी कि अविवाहित युवती के बच्ची को जन्म देने की बात सामने आने पर गांव में बदनामी होगी। इसी सामाजिक दबाव के चलते दोनों ने शुरुआत में घटना की जानकारी किसी को नहीं दी।
बाद में नवजात बच्ची के लगातार रोने की आवाज से आसपास के लोगों को प्रसव की जानकारी हुई और गांव में ये अफवाह फैला दी गई कि जूम यानि की भूत का जन्म हुआ है। इसके बाद युवती के रिश्तेदार को बताया। युवती ने अपनी मां को भी फोन पर घटना की जानकारी दी। उसकी मां 11 अगस्त को घर पहुंची।