पीथमपुर की दवा कंपनी में मजदूरों का हंगामा, कम मजदूरी और महिला शोषण के आरोप
धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर-1 में स्थित दवा निर्माता कंपनी ‘सिन्काम फार्मूलेशन’ (Syncom Formulations) में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गय ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 20 Apr 2026 03:52:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Apr 2026 03:52:31 PM (IST)
पीथमपुर की दवा कंपनी में मजदूरों का हंगामाHighLights
- महिला श्रमिकों ने ठेकेदारों पर शोषण और प्रताड़ना के लगाए गंभीर आरोप
- भविष्य निधि (PF) जमा न करने और श्रम नियमों के उल्लंघन की शिकायत
- कंपनी परिसर में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
नईदुनिया प्रतिनिधि, पीथमपुर। धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर-1 में स्थित दवा निर्माता कंपनी ‘सिन्काम फार्मूलेशन’ (Syncom Formulations) में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर्थिक और मानसिक शोषण के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन और पीएफ में हेराफेरी
प्रदर्शनकारी मजदूरों का सबसे बड़ा आरोप वेतन विसंगति को लेकर है। श्रमिकों का कहना है कि उनसे प्रतिदिन 8 घंटे कड़ी मेहनत कराई जाती है, लेकिन बदले में उन्हें मात्र 210 रुपए दिए जा रहे हैं।
- श्रम कानूनों का उल्लंघन: श्रमिकों के अनुसार, यह राशि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से काफी कम है।
- पीएफ की समस्या: मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनकी भविष्य निधि (PF) की राशि भी समय पर जमा नहीं की जा रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
महिला श्रमिकों ने लगाए शोषण के आरोप
प्रदर्शन के दौरान कार्यस्थल के माहौल को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आईं। महिला श्रमिकों ने कंपनी के ठेकेदारों पर लगातार शोषण करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इन प्रताड़नाओं से जूझ रही हैं, लेकिन कंपनी स्तर पर उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
मजदूरों ने कंपनी के भीतर नरकीय स्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि कार्यस्थल पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। शौचालय जैसी अनिवार्य सुविधाओं की भारी कमी है। बुनियादी सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए कंपनी के मुख्य गेट पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मजदूरों ने स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग से मांग की है कि कंपनी प्रबंधन और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच की जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। जल्द से जल्द उचित मजदूरी और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
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