डिंडौरी में 19.25 लाख बोरर कीट जलाएगा वन विभाग, चार डीएफओ की मौजूदगी में होगी कार्रवाई
डिंडौरी जिले में ऐसे एक लाख 46 हजार 784 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों को पारिश्रमिक देकर इन की...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 08:52:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 12:36:59 PM (IST)
विभाग ने ग्रामीणों से कराया कीटों का संग्रहण, फाइल फोटोHighLights
- 19.25 लाख कीटों को जलाएगा वन विभाग
- चार डीएफओ की मौजूगी में होगा दहन
- 24 सितंबर को कीटों को जलाया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। जिले में साल प्रजाति के पेड़ों के दुश्मन माने जाने वाले 19 लाख 25 हजार 118 साल बोरर कीटों का अब तक संग्रहण किया जा चुका है, जिन्हें आठ संग्रहण केंद्रों में सुरक्षित रखा गया है।
पारदर्शिता के साथ होगा दहन
अब इनके खात्मे की प्रक्रिया शुरू की गई है। 24 सितंबर को डिंडौरी-मंडला जिलों के चार डीएफओ की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ इन कीटों को जलाया जाएगा। दरअसल, साल बोरर कीट पेड़ के तने में छेद कर उसे खोखला कर देते हैं, जिससे पेड़ सूखने लगता है।
एक लाख से ज्यादा पेड़ चिन्हित
डिंडौरी जिले में ऐसे एक लाख 46 हजार 784 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों को पारिश्रमिक देकर इन कीटों का भी संग्रहण कराया है। वन मंडल अधिकारी अशोक सोलंकी ने बताया कि ग्रामीणों को प्रति कीट दो रुपये के हिसाब से लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
इस अभियान की खास बातें -
अब तक 19 लाख 25 हजार 118 कीटों का संग्रहण
ग्रामीणों ने बनाई कीटों की ‘सिर की माला’
साल बोरर तने में छेद कर पेड़ को अंदर से खोखला करता है
संग्रहण केंद्रों से कीट एक स्थान पर लाए जाएंगे
पारदर्शिता के लिए चार डीएफओ रहेंगे मौजूद
24 सितंबर को विधिवत जलाकर होगा नष्टीकरण
जिले के तीन वन परिक्षेत्र साल बोरर कीट से अधिक प्रभावित हुए हैं। यहां कीटों को पकड़ने के लिए ग्रामीणों की मदद से अभियान चलाया गया था। 19 लाख 25 हजार 118 कीट ग्रामीणों ने मदद से मारकर संग्रह केंद्रों में जमा किया था। डिंडौरी उत्पादन सहित मंडला जिले के तीन और डीएफओ की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ कीटों को जलाया जाएगा। प्रतिकीट पकड़ने के लिए ग्रामीणों को 2 का भुगतान हुआ था। कुल लगभग 40 लख रुपए का भुगतान किया गया है। अशोक सोलंकी, वन मंडल अधिकारी सामान्य डिंडौरी