
नवदुनिया प्रतिनिधि, गुना। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही 11वीं की छात्रा रूबी अहिरवार के इलाज में अब आधार कार्ड की दीवार गिर गई है। क्योंकि, उसका आधार कार्ड दिल्ली से बन गया है। इससे रूबी का इलाज आयुष्मान भारत योजना में हो सकेगा।
खास बात यह कि रूबी का आधार कार्ड निरस्त होने के बाद तीन साल से उसके गरीब पिता भोपाल से दिल्ली तक चक्कर काट चुके थे, लेकिन आधार नहीं बन रहा था। दरअसल, बमोरी विधानसभा क्षेत्र के डिबिया मानपुर के रहने वाले धनराम अहिरवार गरीब किसान हैं। उनकी बेटी रूबी कक्षा 11वीं की छात्रा है, जो सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
जब वह 9वीं कक्षा में थी, तभी हॉस्टल में छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। इसमें डॉक्टरों ने रूबी को दिल में छेद होने की बीमारी बताकर इलाज की बात कही थी। इसके बाद रूबी के पिता ने उसका इलाज आयुष्मान भारत योजना में कराना चाहा, लेकिन रूबी का आधार कार्ड निरस्त होने से योजना का लाभ नहीं मिल रहा था।
इधर, आधार कार्ड बनवाने जाते, तो तकनीकी कारण बताया जाता। इसके लिए उन्होंने भोपाल और दिल्ली तक दौड़ लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पूर्व मंत्री महेंद्रसिंह सिसोदिया से संपर्क किया, तो पीड़ित बच्ची और पिता को भरोसा दिलाया कि जल्द आधार कार्ड भी बनेगा और इलाज भी होगा।
वहीं मामला कलेक्टर किशोरकुमार कन्याल के संज्ञान में आया, तो उन्होंने भी भोपाल और दिल्ली पत्राचार के साथ मेल किए। इस मुद्दे को नवदुनिया ने तीन अप्रैल के अंक में ‘रूबी की जिंदगी और इलाज के बीच दीवार बना आधार कार्ड’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसी क्रम में शुक्रवार को रूबी के पिता ने नवदुनिया के दफ्तर पहुंचकर धन्यवाद देते हुए कहा कि रूबी का आधार कार्ड बन गया है और 72 घंटे में डाक से घर पहुंच जाएगा।
बता दें कि रूबी का आधार कार्ड पहले बना हुआ था। लेकिन उसकी छोटी बहन अंजलि के आधार कार्ड में रूबी के फिंगरप्रिंट मर्ज कराने से रूबी का आधार कार्ड निरस्त हो गया था। इधर, छोटी बहन की मृत्यु होने से समस्या पैदा हुई। क्योंकि, जब भी रूबी का नया आधार बनाते, तो पहले से फिंगरप्रिंट मर्ज होने की जानकारी सामने आती। इसके लिए जरूरी था कि पहले दोनों कार्ड निरस्त किए जाते, जिसके बाद नया आधार कार्ड बनता। यह काम दिल्ली से होना था।
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इस मामले में पूर्व मंत्री महेंद्रसिंह सिसोदिया ने कहा कि निश्चित ही बड़ा काम हुआ है। रूबी का आधार कार्ड दिल्ली से ही री-जनरेट हुआ है, जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से संभव हो सका। जिलास्तर पर कलेक्टर किशोरकुमार कन्याल ने प्राथमिकता से प्रक्रिया शुरू की, जिसके लिए भोपाल और दिल्ली तक संपर्क किया। अब रूबी का दिल में छेद की बीमारी का इलाज हो सकेगा, क्योंकि आधार कार्ड बनने से उसे आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सकेगा।