ग्वालियर में हुई प्रदेश की सबसे बड़ी 21.05 करोड़ की ठगी, चार्टर्ड एकाउंटेंट को क्रिप्टो में निवेश का झांसा, गंवाई जीवनभर की कमाई
वाट्स एप वाइस Call पर अंजान युवती से दोस्ती के बाद इस महाठगी के खेल की शुरुआत हुई। जिसने चार्टर्ड एकाउंटेंट को बिटकाइन और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 09:17:00 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 09:36:39 PM (IST)
ग्वालियर में हुई महाठगी। - एआई फोटो।HighLights
- उनको ठगी का पता भी तब लगा- जब उन्होंने यह रकम निकालने का प्रयास किया।
- उनसे इनकम टैक्स और रिस्क मार्जन मनी के नाम पर और पैसा मांगा जाने लगा।
- उन्होंने अपने परिचितों को जब इस बारे में बताया तब उन्होंने इसे साइबर ठगी बताया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठगों ने मप्र के ग्वालियर में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देकर पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है।
वित्तीय मामलों के गणित और बारीकियों के जानकार शहर के 70 वर्षीय अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट व चेंबर आफ कामर्स के चुनाव अधिकारी अशोक विजयवर्गीय को ठगों ने बहुत ही आसानी से अपने जाल में ऐसा फंसाया कि वह अपनी जीवनभर की कमाई ही गंवा बैठे।
वाट्स एप वाइस Call पर अंजान युवती से दोस्ती के बाद इस महाठगी के खेल की शुरुआत हुई। जिसने चार्टर्ड एकाउंटेंट को बिटकाइन और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर मोटी कमाई का झांसा दिया।
क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर सीए को फंसाया गया और उनसे 218 दिन में 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने इतने अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट को एक दिसंबर 2025 से सात जुलाई तक 218 दिन अपने जाल में फंसाये रखा।
इस दौरान महज एक या दो बार नहीं बल्कि 106 बार में चार्टर्ड एकाउंटेंट ने देश के अलग-अलग राज्यों के 25 बैंक खातों में यह रकम खुद ही ट्रांसफर की।
ठगी का पता भी तब लगा- जब उन्होंने यह रकम निकालने का प्रयास किया। फिर तो उनसे इनकम टैक्स और रिस्क मार्जन मनी के नाम पर और पैसा मांगा जाने लगा। उन्होंने अपने परिचितों को जब इस बारे में बताया तब उन्होंने इसे साइबर ठगी बताया। फिर अशोक राज्य साइबर सेल पहुंचे।
जहां इन्होंने शिकायत की। राज्य साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर ली है। दो टीमें इस ठगी की पड़ताल में जुटी हैं। ग्वालियर पुलिस की साइबर क्राइम विंग भी राज्य साइबर सेल का सहयोग कर रही है।
ठगी की कहानी....चार्टर्ड एकाउंटेंट की ही जुबानी
- मैं रोशनी घर रोड पर रहता हूं। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हूं। मेरे पास अचानक नवंबर के आखिरी सप्ताह में 8151931249 नंबर से वाट्स एप पर वाइस Call आया। Call करने वाली युवती थी, उसने अपना नाम दिव्या सिंह बताया। उसने मुझसे बात शुरू कर दी।
फिर उसने मुझसे कहा कि अगर में Online ट्रेडिंग में निवेश करूंगा तो मुझे बहुत मुनाफा होगा। फिर उसने दूसरे नंबर 7092164831 से Call किया। उसने मुझे लिंक भेजी। यह लिंक tradecboeus.com भेजी। इस पर क्लिक किया तो एक पेज खुल गया।
जिसमें यूएसडीटी-बीटीसी के जरिये निवेश के अलग-अलग आप्शन थे। मेरे पास 1(516) 7291 से काल आया। यह भी वाट्स एप पर ही काल आया था। उसने मुझसे निवेश की बात कही। मैंने निवेश किया तो मुझे मुनाफा दिखा। यह पैसा मेरे खाते में भी वापस आ गया। फिर अलग-अलग बैंक खातों से पैसा ट्रांसफर करता गया।
मैंने कुल 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये निवेश कर दिए। यह मुझे 33.25 करोड़ दिख रहे थे। यानि मुनाफा करीब 12 करोड़ रुपये दिख रहा था। मैंने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो यह डिनाय हो गया। फिर दिव्या को काल किया तो बताया कि इसके बदले मुझे 10.84 करोड़ रुपये टैक्स देना होगा।
मैंने इतना पैसा न होने की बात कही तो दिव्या ने मुझसे आधे पैसे जमा करने के लिए कहा। फिर मुझसे रिस्क मार्जन मनी व अन्य टैक्स बताकर एक करोड़ रुपये और मांगे गए। मुझे कुछ संदेह हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जीवनभर की कमाई लुट गई। अशोक विजयवर्गीय
- जैसा कि उन्होंने एफआईआर कराते समय पुलिस को बताया।
एक लाख पर 88 हजार का मुनाफा देकर ठग लिए 21.05 करोड़ रुपये
ठगों ने इन्हें पूरे षड़यंत्र से फंसाया। जब इन्होंने पहली बार में एक लाख एक रुपये जमा किए तो कुछ ही दिन में पे-वालेट पर एक लाख 88 हजार 160 रुपये दिखने लगे। यह पैसा इन्होंने अपने एचडीएफसी अकाउंट में ट्रांसफर भी कर लिया। इन्हें फंसाने के लिए ठगों ने 88 हजार रुपये का मुनाफा भी दिया। फिर यह रुपये जमा करते गए।
पहली लेयर में 25 बैंक खातों में गया पैसा, फिर 306 बैंक खातों में ट्रांजेक्शन
अशोक विजयवर्गीय द्वारा 25 बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया। पहली लेयर में 25 फिर 306 बैंक खातों में पैसा गया। इसमें फेडरल बैंक, यस बैंक, कोटेक महिंद्रा, सेंट्रल बैंक, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक, एचडीएफसी बैंक सहित अन्य बैंक के खाते शामिल हैं।
किस बैंक खाते से कितनी रकम ट्रांसफर
यूनियन बैंक- 15 लाख रुपये
एचडीएफसी- 66900000 रुपये
ICICI बैंक- एक खाते से 106692000 रुपये, दूसरे खाते से 35500000 रुपये