वेंटिलेटर पर ग्वालियर का JAH! वार्ड ब्वाय गायब, खुद स्ट्रेचर खींच रहे और ऑक्सीजन सिलेंडर उठा रहे बेबस तीमारदार
अपनों की जान बचाने के लिए स्ट्रेचर खींचते और भारी-भरकम आक्सीजन सिलिंडर उठाते बेबस स्वजन की तस्वीरें इस बदइंतजामी की गवाही दे रही हैं।
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 11:52:20 AM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 11:59:29 AM (IST)
ट्रामा सेंटर में हाथ में ड्रिप लेकर मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाते स्वजन। नईदुनियाHighLights
- एंबुलेंस से मरीज उतारने के लिए भी नहीं मिल रहे कर्मचारी
- दावों और भारी-भरकम बजट की खुली पोल
- गंभीर मरीज के बेटे ने बयां किया जेएएच इमरजेंसी का दर्दनाक सच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सरकारी दावों और भारी-भरकम बजट के बावजूद जया आरोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर और आकस्मिक उपचार केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर नजर आ रही हैं। यहां इलाज कराने आ रहे मरीजों को अव्यवस्थाओं की मार झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (वार्ड ब्वाय) के गायब रहने के चलते चलते, मरीजों के स्वजन को खुद ही वार्ड ब्वाय की भूमिका निभानी पड़ रही है।
हाथ में मरीज की यूरिन की थैली लिए हुए स्वजन। नईदुनिया
नजारा बेहद संवेदनशील
अपनों की जान बचाने के लिए स्ट्रेचर खींचते और भारी-भरकम ऑक्सीजन सिलिंडर उठाते बेबस स्वजन की तस्वीरें इस बदइंतजामी की गवाही दे रही हैं। ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी के बाहर का नजारा बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है। एंबुलेंस से मरीज को उतारने के लिए न तो कोई वार्ड ब्वाय समय पर मिलता है और न ही स्ट्रेचर और व्हीलचेयर देने वाला।
स्ट्रेचर पर मरीज को लेकर जाते स्वजन और साथ में चल रही महिला के हाथ में ऑक्सीजन सिलिंडर। नईदुनिया
गंभीर हालत में आए मरीज के बेटे रमेश ने बताया
पिताजी की हालत गंभीर होने पर उनको जेएएच के इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। उनको आक्सीजन लगी थी, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला तो बहन को आक्सीजन सिलेंडर लेकर अंदर तक जाना पड़ा। यहां हमें खुद दौड़-भाग करनी पड़ी।