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कूनो की सीमा लांघ ग्वालियर पहुंचे बोत्सवाना के चीते, पनिहार के जंगलों में मादा चीता 'सीसीबी-3' का डेरा

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में पर्याप्त शिकार, सुरक्षित वन क्षेत्र और पानी उपलब्ध होने के कारण चीता फिलहाल यहीं ठहरा हुआ है तथा उसकी गत...और पढ़ें

By Varun SharmaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 01:21:18 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 02:06:52 PM (IST)
कूनो की सीमा लांघ ग्वालियर पहुंचे बोत्सवाना के चीते, पनिहार के जंगलों में मादा चीता 'सीसीबी-3' का डेरा
सोशल मीडिया

HighLights

  1. 15 दिन से वन क्षेत्र में सक्रिय मादा चीता सीसीबी-3
  2. पर्याप्त शिकार व पानी मिलने से बना हुआ है ठहराव
  3. राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ने पर निगरानी टीम अलर्ट

नईदुनिया, प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बाहर निकलकर ग्वालियर के जंगलों में चीतों की आवाजाही अब लगातार बढ़ रही है। भारत में जन्मे चीतों के बाद अब बोत्सवाना से लाए गए चीते भी कूनो की सीमाएं लांघकर ग्वालियर के वन क्षेत्रों तक पहुंचने लगे हैं।

वर्तमान में बोत्सवाना की मादा चीता सीसीबी-3 पिछले करीब 15 दिनों से ग्वालियर वन मंडल के बरई-पनिहार क्षेत्र में विचरण कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में पर्याप्त शिकार, सुरक्षित वन क्षेत्र और पानी उपलब्ध होने के कारण चीता फिलहाल यहीं ठहरा हुआ है तथा उसकी गतिविधियां शिकार और आराम तक सीमित हैं।


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अमला हर गतिविधि पर रखे है नजर

कूनो राष्ट्रीय उद्यान की निगरानी टीम और ग्वालियर वन मंडल का अमला संयुक्त रूप से चीते की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीता राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर न बढ़े। जैसे ही उसकी लोकेशन हाईवे के आसपास दर्ज होती है, निगरानी दल अतिरिक्त सतर्कता बरतता है और फील्ड स्टाफ को अलर्ट कर दिया जाता है। बता दें कि यह पहला अवसर नहीं है जब कोई चीता ग्वालियर के जंगलों तक पहुंचा हो। इससे पहले कूनो का नर चीता केजीपी पनिहार क्षेत्र में लगभग आठ माह तक सक्रिय रहा था। वहीं एक अन्य चीते की घाटीगांव क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।

लगातार बढ़ती गतिविधियों ने वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। उनका मानना है कि ग्वालियर का वन क्षेत्र चीतों के लिए संभावित प्राकृतिक आवास के रूप में उभर रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान के संगरोध बाड़ों में छोड़ा था। वर्तमान में कूनो और आसपास के क्षेत्र में कुल 49 चीते मौजूद हैं। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका से भी नए चीते लाने की तैयारी चल रही है।