
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के जनकगंज निवासी कारोबारी के साथ 8.91 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। कारोबारी ने ऑनलाइन 20 हजार रुपये के लोन के झांसे में फंसकर 8.91 लाख रुपये गंवा दिए। कारोबारी की एआइ के जरिये वीडियो बना ली, फिर फोटो और वीडियो बहुप्रसारित करने की धमकी देकर ठग लिया। इस मामले में साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जनकगंज थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है।
जनकगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जीवाजीगंज स्थित गेंडे वाली सड़क निवासी 38 वर्षीय शफीक खान पुरानी गाड़ियां खरीदने-बेचने का काम करते हैं। 22 फरवरी को वह अपनी दुकान पर बैठे हुए थे, तभी वाट्सएप मैसेंजर पर दो बार अलग-अलग नंबरों से फोन आया। दोनों ही नंबर अंजान थे। वाइस काल के जरिए इन्हें इंस्टेंट लोन का आफर दिया गया।
शफीक को पैसों की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने 20 हजार रुपये का इंस्टेंट लोन देने की बात कही। उनके मोबाइल पर इसी नंबर से एक लिंक आई। जिस पर क्लिक करते ही एप डाउनलोड हुआ, फिर खाते में नौ हजार रुपये भी आए। जब शफीक ने 11 हजार रुपये और भेजने की बात कही तो नौ एप डाउनलोड करा दिए और उनके खाते में 33 हजार रुपये आ गए।
शफीक ने जो रुपये उधार लिए थे, वह 15 दिनों में ही ब्याज सहित आनलाइन ही लौटा दिए, लेकिन ठगों ने उनसे अलग-अलग ब्याज जोड़कर और पैसा मांगना शुरू कर दिया। जो एप डाउनलोड किए थे, उनसे कांटेक्ट लिस्ट, गैलरी, लोकेशन पूरे मोबाइल का एक्सेस हैकरों ने अपने हाथ में ले लिया।
फिर गैलरी से फोटो निकालकर अश्लील वीडियो, फोटो तैयार कर लिए। यह उनकी कांटेक्ट लिस्ट में शामिल रिश्तेदारों को भेजना भी शुरू कर दिया। यह न भेजने के एवज में करीब 8.91 लाख रुपये ठग लिए। शफीक ने और कर्ज लेकर रुपये दिए। जब वह परेशान हो गए तो साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की।
ठगों ने कारोबारी के मोबाइल में झांसा देकर कई खतरनाक लोन एप इंस्टॉल करवाए थे। इन एप्स के नाम इस प्रकार हैं...