

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर शहर के बहुचर्चित रहे महाराजपुरा स्थित संस्कार नशामुक्ति केंद्र में बैंक मैनेजर की हत्या मामले में शुक्रवार को चश्मदीद गवाह जितेन्द्र पाल सिंह ने आंखों देखी घटना बताई। गवाह जितेंद्र सिंह सेवानिवृत्त फौजी है और मृतक बैंक मैनेजर पंकज के साथ उसी नशामुक्ति केंद्र में भर्ती था।
जितेंद्र ने कोर्ट को बताया कि वह पंकज और प्रदीप किरार उसी नशा मुक्ति केंद्र से चुपके से भाग गए थे। जिसके बाद उन्हें पकड़ कर वापस ले आया गया। उन्हें वापस लाकर हर्ष शिंदे,रवि तोमर,विशाल कांकड,धर्मेद्र जादौन और कृष्ण मुरारी दीक्षित ने रस्सी से बांध दिया। जितेंद्र को भी बांधकर एक कोने में खड़ा कर दिया था।
उन्होंने पंकज के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसे पीटना शुरू कर दिया। उसे बर्बरता से इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। पुलिस सुरक्षा में शुक्रवार को न्यायालय पहुंचे इस चश्मदीद गवाह ने आरोपितों के परिजनों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए गवाही बदलने का दवाब बनाने की बात भी कही। इस मामले में गवाह का क्रास एक्जामिनेशन 20 अगस्त को होगा।
मामले के चश्मदीद गवाह जितेंद्र ने एक लिखित शिकायत और आवेदन प्रमुख जिला न्यायाधीश सहित एसपी और थाना महाराजपुरा को भी दिया है। जिसमें बताया है कि सात अगस्त को उसकी गवाही से एक रात पहले छह अगस्त को आरोपित हर्ष शिंदे और रवि तोमर के परिजनों ने उसे घर से उठा लिया था।
इसके बाद उसे एक कागज पर लिखकर बताया कि उसे गवाही में क्या कहना है। पहले दबाव बनाया गया जब वह नहीं माना तो उसे रुपयों का भी लालच दिया। वहां से आकर दूसरे दिन गवाह चुपके से कोर्ट आ गया और अपनी गवाही दर्ज करवाई। फिलहाल गवाह सेफ हाउस में है और अगली गवाही के लिए पुलिस से सुरक्षा दिए जाने की मांग की है।
बता दें कि, शहर में पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड अधिकारी पंकज शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने महाराजपुरा के शनिचरा रोड स्थित मिनी गोल्डन संस्कार नशामुक्ति केंद्र के संचालकों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था।
उनका कहना था कि केंद्र में पंकज के साथ प्रताड़ना की जा रही थी। परिजनों के अनुसार पंकज को 25 जुलाई को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत में सुधार हो गया था,लेकिन 12 अगस्त को केंद्र के लोग उन्हें कथित तौर पर जबरन वापस ले गए थे।
आरोप था कि इसके बाद उनके साथ रातभर मारपीट की गई थी। दूसरे दिन सुबह करीब पांच बजे परिजनों को पंकज की हालत गंभीर होने की सूचना दी गई थी। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर उनका शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। इसमें चेहरे, आंख और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे। घटना के बाद नशामुक्ति केंद्र के संचालक फरार हो गए थे और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।